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कहानी संघर्ष से सफलता की :स्कूल मे फेल होने के बाद पढ़ने का चढ़ा ऐसा जूनून की बन गयी IAS Officer

यूपीएससी विद्यार्थियों का सपना होता है. लोग कड़ी से कड़ी मेहनत करते हैं अपने इस सपने को साकार करने के लिए. कुछ लोगों में ऐसा जुनून होता है जो अपनी हर असफलताओं को हर नाकामियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपने को साकार कर लेते हैं.

कुछ लोग और सफलता मिलने के बाद हार मान लेते हैं और अपनी कोशिश छोड़ देते हैं लेकिन कुछ उसमें ऐसे भी होते हैं जो लगातार हारने के बाद भी कोशिश नहीं छोड़ते और अंततः सफल भी होते हैं.
हम आपके लिए लाए हैं ऐसे ही जुनून से अपनी मंजिल पाने वाली एक लड़की की कहानी जिसका नाम है रुक्मणि रियार.

जिन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद UPSC की तैयारी की और पहले ही बार में यूपीएससी परीक्षा की टॉपर्स लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया। खास बात यह है की उन्होंने ये कामयाबी कोई कोचिंग क्लास ज्वॉइन किए बिना हासिल की।

स्कूल में फेल होने पर आ गई थी डिप्रेशन में-
रुक्मणि बहुत कम उम्र में ही बोर्डिंग स्कूल चली गई । बोर्डिंग स्कूल रुक्मणि बोर्डिंग स्कूल का प्रेशर सहन नहीं कर पाई और 6वी में फेल हो गई और वह डिप्रेशन में आ गई।

कई दिनों तक इसी तरह दूसरों से डिप्रेशन रहने के बाद उन्होंने वापिस मन बनाया कि वह एक बार फिर से कड़ी मेहनत करेंगी और अपनी हर असफलता का कर मुकाबला किया। इसके बाद उन्होंने आगे पढाई के लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में एडमिशन लिया और वहां से मास्टर्स की डिग्री ली। मास्टर्स की डिग्री लेने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सर्विस के लिए तैयारी की और पहली बार में ही बिना किसी ट्यूशन अथवा कोचिंग के वर्ष 2011 में UPSC टॉप किया।

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