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Gorakhpur news- खुलासा: लखनऊ के प्रापर्टी डीलर की हत्या का खुला राज, मृतक की बहन से शादी करना चाहता था हत्यारोपी

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लखनऊ के प्रापर्टी डीलर राहुल यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार, राहुल की बहन के दोस्त महेश यादव ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर हत्या की थी।

एसपी आशीष श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 22 मार्च को गौर थाना क्षेत्र के तरैनी जंगल में झाड़ियों के बीच में राहुल का क्षत-विक्षत शव पाया गया था। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को बुधवार को बभनान कस्बे के हर्रैया तिराहे से गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल गड़ासी, कार बरामद कर ली।

एसपी ने बताया कि पहले से शादीशुदा महेश यादव निवासी कछिया थाना गौर लखनऊ के गोमतीनगर के रहने वाले राहुल की बहन पूजा यादव से भी शादी करना चाहता था। महेश और पूजा पहले एक साथ काम करते थे। एसपी ने बताया कि 16 मार्च को लखनऊ से राहुल यादव की कार में दोनों सवार होकर महेश के घर पहुंचे।

वहां कोतवाली थानाक्षेत्र के सियरापार निवासी अमरनाथ यादव भी पहुंचा। तीनों ने वहां शराब पी। नशे में धुत होने पर महेश ने राहुल की बहन के संबंध में कुछ टिप्पणी कर दी। राहुल ने आपत्ति की। उनमें काफी कहासुनी हुई। इससे झुंझलाए महेश और अमरनाथ ने राहुल को ठिकाने लगाने की सोची। 19 मार्च को दोनों किसी बहाने राहुल को तरैनी जंगल में लेकर गए। वहां गड़ासे से वार करके राहुल को मौत के घाट उतार दिया।

 

लावारिस मिली थी कार

पहचान मिटाने के लिए चेहरा विकृत कर दिया। हाथ पर भी कोई पहचानने वाला निशान था। इस लिए हाथ भी काट लिया था। हत्या के बाद लौटते समय आरोपित की कार खराब हो गई। उसे वह एक स्कूल के पास छोड़कर रिपेयर कराने के लिए मिस्त्री बुलाने की कोशिश में लग गया। इसी बीच 22 मार्च को झाड़ी में फेंका गया शव बरामद हो गया।

दो दिन की मशक्कत के बाद में पुलिस ने लावारिस हालत में कार बरामद की और उसके नंबर के जरिए उसकी मालिक मीना देवी निवासी ग्राम बगही कुटी, थाना पटहेरवा, जनपद कुशीनगर हाल मुकाम विनीत खंड गोमतीनगर, लखनऊ का पता चला। पुलिस की सूचना पर पहुंची मृतक की मां मीना देवी ने शव की पहचान बेटे राहुल यादव के रूप में की।

उन्होंने तहरीर देकर पुलिस को बताया है कि उनके बेटे राहुल लखनऊ में महेश यादव के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। तहरीर में उन्होंने लिखा था कि महेश यादव उनकी बेटी पर गलत नजर रखता था। राहुल को महेश अपने साथ लेकर जाता था। एसपी ने बताया कि पुलिस उसी समय से प्रभारी निरीक्षक गौर शमशेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाकर महेश यादव की तलाश की जा रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।

लावारिस मिली थी कार

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