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Gorakhpur news- महिला दिवस विशेष: आसान शर्तों पर बैंकों से ऋण लेकर सपनों को साकार कर सकती हैं महिलाएं

विस्तार

महिलाओं को स्वरोजगार देने और उद्यमी बनाने के लिए सरकारी बैंकों में ऋण प्रदान करने की कई योजनाएं हैं। इनके माध्यम से कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करके महिलाएं ऋण प्राप्त कर अपनी पसंद का कारोबार कर सकती हैं। विभिन्न बैंकों की ऐसी योजनाओं का लाभ उठाकर अब तक काफी महिलाओं ने अपने सपनों को साकार किया है। बैंकों और सरकार का भी मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से है।

पीएनबी महिला समृद्धि योजना

पंजाब नेशनल बैंक की महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय मदद दी जाती है, जिससे वह अपना कारोबार शुरू कर सकें। कोई भी महिला अपनी कोई औद्योगिक यूनिट स्थापित करने के लिए इस स्कीम के तहत ऋण ले सकती हैं। महिलाओं को कम ब्याज दर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ 18 साल से अधिक उम्र की बीपीएल श्रेणी की महिलाएं ले सकती हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिला की वार्षिक आय सात लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस योजना के अलावा भी बैंक महिलाओं के लिए कई योजनाएं संचालित कर रहा है। पीएनबी महिला उद्यम निधि स्कीम, क्रेच के लिए वित्तीय सहायता और पीएनबी महिला सशक्तीकरण अभियान के तहत भी वित्तीय सहायता दी जाती है।

अन्नपूर्णा स्कीम

इस योजना के तहत फूड कैटरिंग का कारोबार करने वाली महिला उद्यमियों को केंद्र सरकार 50,000 रुपये तक का ऋण देती है। इस रकम को उद्यमी अपनी जरूरत के हिसाब से बर्तन, कटलरी, गैस कनेक्शन, फ्रिज, मिक्सर कम ग्राइंडर, बर्तन रखने का स्टैंड, टिफिन बॉक्स, मेज, वाटर फिल्टर आदि खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। लोन लेने के लिए एक गारंटर की जरूरत होती है। साथ ही बिजनेस की जो भी संपत्ति है, वह बैंक के साथ गारंटी के तौर पर रखनी पड़ती है। लोन मिलने के बाद 36 मासिक किस्तों में (यानी कि तीन साल के भीतर) इसे चुकाना होता है। हालांकि, लोन लेने के पहले महीने में किस्त नहीं देनी पड़ती है।

 

स्त्री शक्ति पैकेज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की खास स्कीम है स्त्री शक्ति पैकेज। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को लोन में कुछ रियायतें दी जाती हैं। इस स्कीम के तहत उन्हीं लघु उद्योगों के लिए ऋण मिलता है, जिनमें किसी महिला का शेयर 50 प्रतिशत से अधिक होता है। इन उद्यमियों का अपने राज्य की एजेंसी द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के लिए एनरोल होना जरूरी है। इस स्कीम के जरिये महिलाओं को दो लाख रुपये से ज्यादा के ऋण पर ब्याज में 0.05 प्रतिशत की छूट मिलती है। छोटे सेक्टर्स के बिजनेस के लिए पांच लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी सिक्योरिटी की जरूरत नहीं होती है।

कल्याणी स्कीम

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कल्याणी स्कीम के लिए नए और पुराने, दोनों ही उद्यमी और खेती, हैंडीक्राफ्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, कपड़े बनाना, ब्यूटी, कैंटीन, मोबाइल रेस्तरां, सर्कुलेटिंग लाइब्रेरी, क्रेच, एसटीडी/जेरॉक्स बूथ, टेलरिंग आदि के रोजगार करने वाली महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इस स्कीम के तहत 20 प्रतिशत मार्जिन रेट से एक करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाता है। इस ऋण के लिए किसी भी तरह की सिक्योरिटी या गारंटर की जरूरत नहीं होती है। ऋण चुकाने का समय सात साल है, जिसमें 6 महीने से 1 साल तक का मोरेटोरियम पीरियड शामिल होता है।

मुद्रा योजना स्कीम

यह छोटी इकाइयों के लिए सामान्य योजना है, जिसका लाभ महिला उद्यमी भी उठा सकती हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सरकारी बैंकों की इस स्कीम का उपयोग ब्यूटी पार्लर, ट्यूशन सेंटर, टेलरिंग यूनिट आदि के लिए किया जा सकता है। इस योजना के तहत 50,000 रुपये से 50 लाख रुपये तक के ऋण के लिए अप्लाई किया जा सकता है। 10 लाख रुपये से कम ऋण के लिए किसी गारंटी या गारंटर की जरूरत नहीं होती है। शिशु लोन में नए व्यवसाय के लिए 50,000 रुपये की अधिकतम सीमा तक लोन दिया जाता है, जिसमें ब्याज दर प्रति माह एक प्रतिशत या 12 प्रतिशत प्रति वर्ष है। इस ऋण को पांच सालों में चुकाना होता है। किशोर लोन अच्छे ढंग से चल रहे व्यवसाय के लिए 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक दिया जाता है। तरुण लोन के तहत व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के लिए आवेदन कर सकते हैं। ब्याज दर योजना के दिशा-निर्देश और अप्लाई करने वाले की क्रेडिट हिस्ट्री पर निर्भर करता है। लोन को चुकाने की समय सीमा भी बैंक तय करते हैं।

 

महिला उद्यम निधि स्कीम

पंजाब नेशनल बैंक और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया की महिला उद्यम निधि स्कीम उन महिलाओं के लिए है जोकि छोटे स्तर पर कोई कारोबार शुरू करना चाहती हैं। इसके तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है, जो 10 साल के भीतर चुकाना होगा। बैंक पांच साल का मोरेटोरियम पीरियड भी इसमें शामिल करता है। इस योजना के तहत, ब्यूटी पार्लर, डे केयर सेंटर, ऑटो रिक्शा खरीदने, टू-व्हीलर और कार आदि के लिए लोन लिया जा सकता है।

देना शक्ति स्कीम

देना बैंक, कृषि, विनिर्माण, माइक्रो-क्रेडिट, खुदरा स्टोर, छोटे स्तर के उद्यमों के लिए महिलाओं को देना शक्ति स्कीम के तहत 20 लाख रुपये तक का ऋण  देता है। ब्याज दर पर 0.25 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। माइक्रोक्रेडिट केटेगरी में 50,000 रुपये तक के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।

ओरिएंट महिला विकास योजना स्कीम

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की ओरिएंट महिला विकास योजना के तहत उन महिलाओं को ऋण दिया जाता है जोकि कारोबार में 51 फीसदी शेयर की मालकिन होती हैं। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक के लोन के लिए किसी सिक्योरिटी की जरूरत नहीं होती है। ऋण चुकाने का समय सात साल है। इस स्कीम में ब्याज दर में दो फीसदी तक की रियायत मिलती है।

डूडा: समूह गठित कर महिलाएं कर सकती हैं व्यापार

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत 10 महिलाएं एक समूह गठित कर रोजगार शुरू कर सकती हैं। गोरखपुर में इस बार 80 समूह गठित करने का लक्ष्य है। तीन महीने का होने पर समूह का खाता खुलवाकर उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। अगर समूह के खाते में रकम बढ़ती जाती है तो बैंक की ओर से समूह को और ज्यादा रकम दी जाती है। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण भी समूह की महिलाएं ले सकती हैं।

बेटी के जन्म से शादी तक आर्थिक मदद देती है सरकार

कन्या सुमंगला योजना का मकसद लड़कियों की उच्च शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य एवं बेहतर भविष्य का निर्माण करना है। इसके तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी शादी तक छह चरणों में सरकार आर्थिक मदद दे रही है। बच्ची के जन्म के समय 2000 रुपये, एक साल का टीकाकरण होने के बाद 1000 रुपये, पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 2000 रुपये दिए जाते हैं। छठवीं कक्षा में प्रवेश के बाद 2000 रुपये, नौवीं में प्रवेश के बाद 3000 रुपये, स्नातक या दो साल का कोई डिप्लोमा कोर्स करने पर 5000 रुपये मिलते हैं। यानी इन सभी मदों में सरकार कुल 15 हजार रुपये की मदद देती है। नजदीकी डाकघर में इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना नन्हीं बच्चियों के लिए केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना है। इसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शुरू किया गया है। 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए यह बेहतर निवेश की योजना है। बैंक और पोस्ट ऑफिस में जाकर कोई भी व्यक्ति या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बेटियों के लिए योजना के तहत खाता खुलवा सकता है। स्कीम पूरी होने पर पूरी रकम उस लड़की को मिलेगी, जिसके नाम पर ये खाता खुलवाया गया हो।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व वंदन योजना

गर्भवतियों को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं इस योजना के तहत दी जाती हैं। हर माह के नौवें दिन लाभार्थियों के स्वास्थ्य की जांच होती है। महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की रिपोर्ट दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती कराना जरूरी होता है। गर्भवतियों को पंजीकरण पर एक हजार, दूसरा टीका लगाने पर दो हजार और प्रसव के तीन महीने बाद टीकाकरण होने पर दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन)

मां व उसके नवजात की मृत्यु दर कम करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली हर महिला को सम्मान के साथ निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। इसका लाभ लेने के लिए निकट स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना होता है।

जननी सुरक्षा योजना

गर्भवती महिला को प्रसव के बाद देखभाल के लिए नकद सहायता दी जाती है। यह राशि एकमुश्त महिलाओं के बैंक खाते में भेज दी जाती है। इसके लिए अनिवार्य शर्त यह है कि उनका प्रसव जिला अस्पताल या फिर निकट के सीएचसी, पीएचसी में कराया होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव के बाद 1400 और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 40 दिनों तक सरकारी अस्पतालों में इलाज पर कोई खर्च वहन नहीं करना पड़ता है। 

स्त्री शक्ति पैकेज

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