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Gorakhpur news- यूपी पंचायत चुनाव 2021: प्रधान समेत सभी पदों की 25 फीसदी सीटों पर बदलाव की उम्मीद, जानिए कैसा होगा नया समीकरण

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वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण का निर्धारण होने से जिले के प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य समेत सभी पदों की 25 फीसदी सीटें बदल जाने की उम्मीद है। वर्तमान में तैयार की जा रही सूची में जो पद आरक्षित थे, वे अनारक्षित हो सकते हैं तो वहीं जहां महिला सीटें थीं, वे किसी वर्ग के पुरुष या फिर पुरुष वाली सीटें महिला के लिए आरक्षित हो जाएंगी।

इसी तरह अब 2015 में जो सीटें ओबीसी या एससी नहीं हुई थी उन्हें आरक्षण के अनुपात के मुताबिक तरजीह मिलेगी। पहले 1995 से लेकर 2015 तक जो सीटें कभी ओबीसी या एससी के लिए आरक्षित नहीं थी उन्हें इस बार सबसे पहले आरक्षित किया गया था। ऐसे में इस श्रेणी के पंचायतों में से ज्यादातर में बदलाव होने की उम्मीद है।

आरक्षण को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का फैसला आते ही कई प्रत्याशियों के चेहरों के रंग उतर गए। वहीं, दो मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद जो दावेदार मैदान छोड़कर पीछे हट गए थे, उनमें फिर से उम्मीद बंधी है। कुछ तो घंटे भर के भीतर सक्रिय हो गए और फिर से दुआ-सलाम और अपनों को सहेजने में जुट गए।

पंचायत चुनाव के लिए वर्तमान में जिस आरक्षण व्यवस्था को अंतिम रुप दिया जा रहा था उसे लेकर लोगों में असंतोष भी बहुत था। जिले में 830 लोगों ने आपत्तियां दर्ज करा रखी थी। कई लोगों ने शासन तक शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधान, बीडीसी सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए तय आरक्षण से खुद भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं में भी असंतोष था। आरक्षण का गणित बदलने से उन्हें कई जगह तो जीती सीट हाथ से जाते दिख रही थी।

 

गाइडलाइन मिलते ही जुट जाएगा प्रशासन

हाईकोर्ट ने 27 मार्च तक आरक्षण निर्धारण का काम पूरा करने के साथ ही 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न करा लेने का सरकार को आदेश दिया है। ऐसे में इस बार आपत्ति दर्ज कराने और उसके के लिए समय कम मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और पंचायतीराज विभाग का कहना है कि जैसे ही शासन की तरफ से गाइडलाइन मिलेगी, आरक्षण सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग के मुताबिक  सबसे ज्यादा समय ग्राम पंचायतों के वार्ड का आरक्षण तय करने में लगता है।

सुबह से ही होता रहा इंतजार
सोमवार की सुबह से ही पान की दुकान से लेकर सरकारी दफ्तरों तक पंचायत के आरक्षण को लेकर चर्चा का बाजार गर्म था। कोर्ट का फैसला आने से पहले ही सब अपने-अपने लिए विवेचना में जुटे थे। कोई वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को सही बता रहा था तो कोई बदलाव को जरूरी बता रहा था। सबके अपने-अपने तर्क थे। जैसे ही दोपहर में कोर्ट ने फैसला सुनाया पूरे जिले में सूचना फैल गई और एक बार फिर आरक्षण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया जो देर रात तक जारी रहा।

14 मार्च को जारी होनी थी आरक्षण सूची
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूर्व में तय कार्यक्रम के मुताबिक आरक्षण की अंतिम 14 मार्च को प्रकाशित की जानी थी। 15 मार्च को इसे पंचायतीराज निदेशालय भेजने का समय तय था, मगर इसके ठीक पहले हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हो गई और कोर्ट ने अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी। सोमवार को सुनवाई की तिथि तय थी, जिसमें हाई कोर्ट ने फिर से आरक्षण सूची तैयार करने का आदेश सुनाया।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि नए सिरे से आरक्षण सूची तैयार करने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई है। अब वर्ष 2015 को आधार मानकर पंचायत के सभी पदों के लिए आरक्षण तय होगा। शासन से गाइडलाइन मिलते ही निर्धारण का काम शुरू हो जाएगा।
 

कई गफलत में 2015 का आरक्षण तलाशने लगे

वर्ष 2015 को आधार मानकर फिर से आरक्षण की सूची तैयार करने के कोर्ट के आदेश के बाद कई दावेदार गफलत में 2015 में तय हुआ आरक्षण तलाशने लगे। दरअसल दो मार्च को प्रकाशित हुई आरक्षण की अनंतिम सूची 1995 को आधार मानकर तैयार की गई थी। अब कोर्ट ने वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण तय करने का निर्देश दिया है। यानी 2015 को आधार मानकर इस बार के आरक्षण में चक्रानुक्रम आदि की व्यवस्था अपनाई जाएगी। साथ ही पिछले चुनाव में जो गांव एससी या ओबीसी नहीं हुए थे, उन्हें शासन द्वारा तय अनुपात में तरजीह दी जाएगी।

दो मार्च 2021  को जारी अनंतिम सूची में यह थी स्थिति
ग्राम प्रधान के कुल पद : 1294
अनारक्षित : 437 ग्राम पंचायतें
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित : 287 ग्राम पंचायतें
पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित : 356 ग्राम पंचायतें
महिला के लिए आरक्षित : 208 ग्राम पंचायतें
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित : छह ग्राम पंचायतें

जिला पंचायत सदस्य के कुल वार्ड : 68
अनारक्षित : 23
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित : 16
पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित : 18
महिला के लिए आरक्षित : 11

ब्लॉक प्रमुख के कुल पद : 20
अनारक्षित : 07
पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित : 06
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित : 04
महिला के लिए आरक्षित : 03

क्षेत्र पंचायत सदस्य के कुल वार्ड : 1700
अनारक्षित : 572
महिला के लिए आरक्षित : 272
पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित : 449
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित : 405
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित : 02

ग्राम पंचायत सदस्य की कुल संख्या : 16372
अनारक्षित : 6193
महिला के लिए आरक्षित : 2502
पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित : 3640
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित : 3996
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित : 41

गाइडलाइन मिलते ही जुट जाएगा प्रशासन

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