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Gorakhpur news- यूपी पंचायत चुनाव 2021: साहब! शुगर है, हाई बीपी भी, नहीं… कैंसर हुआ है, काट दीजिए ड्यूटी

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गोरखपुर पंचायत चुनाव के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगने की शुरूआत के साथ ही, ड्यूटी से नाम कटवाने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। एडीएम कार्यालय पर सोमवार को पूरे दिन कर्मचारी, ड्यूटी कटवाने के लिए आते-जाते रहे। इनमें से कुछ वास्तव में बीमार थे तो कई अजब-गजब बहाना गढ़ रहे थे। बहाना बनाने वालों की वजह से वास्तविक रूप से परेशान कर्मचारी भी संदेह की नजर से देखे जा रहे हैं।

कलेक्ट्रेट में एडीएम (फाइनेंस) कार्यालय। समय दोपहर के 1: 20 बजे। एडीएम कोर्ट के बाहर नामांकन पत्रों की जांच पर नजर रखने वालों की भीड़ लगी थी। वहीं उनके दफ्तर के बाहर फरियादियों की। अचानक दरवाजा खुला तो हांफते हुए पीपीगंज क्षेत्र के इंटर कॉलेज के एक प्रधानाचार्य हाथ में बैग लिए दाखिल हुए।

एडीएम ने कुर्सी पर बैठने का इशारा किया, मगर हड़बड़ी इतनी की खड़े-खड़े ही बोलने लगे कि साहब, कॉलेज के सभी शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लग गई है। एक मैं ही बचा था तो घंटे भर पहले फोन आया कि मेरी भी ड्यूटी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में लगा दी गई है। मुझे बड़हलगंज में ड्यूटी करनी है। कोई अनुभव भी नहीं। कैसे सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी संभाल पाऊंगा। बड़हलगंज तक जाने वाली सड़क भी काफी खराब है।

 

प्रधानाचार्य की बात बीच में ही काटते हुए एडीएम ने उनसे पहले कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया, फिर जिला प्रशासन की परेशानियों को साझा करते हुए कहा कि जिले में एक ही बार में चुनाव होना है। 24 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। ऐसे में सभी का सहयोग अपेक्षित है। सभी दलीलों के बाद भी बात नहीं बनती देख प्रधानाचार्य ने एक अस्त्र छोड़ा कि ड्यूटी के लिए मैजिक (सामान ढ़ोने वाला वाहन) दिया जा रहा है। उम्र हो चुकी है कैसे धक्के खाते हुए जाऊंगा? मगर यह भी प्रयास फेल हो गया। कई बार समझाने के बाद एडीएम ने दो टूक जवाब दिया कि अधिकारी-कर्मचारी कम हैं, ड्यूटी नहीं कट पाएगी।
 
दोनों लोगों में संवाद और आगे बढ़ता कि घुटनों पर हाथ रखे निबंधन कार्यालय की एक महिला कर्मचारी बड़ी मेहनत से कार्यालय के दरवाजे से दाखिल होकर एडीएम की मेज तक पहुंचीं। एक प्रार्थनापत्र बढ़ाया और हाथ जोड़ते हुए कहा कि शुगर बहुत है। पैर में भी लोहे की राड पड़ी है। जब एडीएम ने पूछा कि कितना शुगर है तो वह जवाब देने में कतराने लगीं।

उन्होंने सवाल दोहराया तो महिला कर्मचारी की तरफ से जवाब मिला कि ये तो नहीं मालूम, मगर बहुत बढ़ गया है। सीढ़ी चढ़ना भी मुहाल है। इस पर एडीएम मुस्कुराते हुए प्रार्थनापत्र पर कुछ लिखने में जुट गए और कहा कि बूथ पर सीढ़ी नहीं चढ़नी। बहरहाल मंगलवार को आप सीडीओ दफ्तर चले जाइएगा। वहां मेडिकल टीम आपको मिलेगी। फिटनेस जांचने के बाद ड्यूटी काट दी जाएगी।

काफी देर से बैठे प्रधानाचार्य अभी कुछ और बोल पाते कि एडीएम ने सोमवार सुबह 11 बजे का किस्सा उनसे साझा किया कि कैसे एक कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए पहले तो बोला कि उसे शुगर है। जब उन्होंने कहा कि शुगर तो ज्यादातर लोगों को है। उन्हें भी है, फिर भी काम कर रहे हैं। इस पर उसने तुरंत मर्ज बदल दिया और कहने लगा कि हाई बीपी भी है। एडीएम का कहना था कि अभी वे कुछ आगे बोलते कि उस कर्मचारी ने तपाक से कहा कि कैंसर भी है। जब उन्होंने सख्ती दिखाई तो कहा कि पहले कैंसर था, जिससे लिवर खराब हो गया है।

 

बोर्ड की सहमति पर ही बीमार कर्मचारियों की कटेगी ड्यूटी

पंचायत चुनाव के प्रभारी अधिकारी कार्मिक एवं एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह ने बताया कि चुनाव में ड्यूटी कटवाने के लिए जो कर्मचारी बीमार होने की दलील दे रहे हैं, उनकी जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। बोर्ड मंगलवार से विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय में बैठेगा। परीक्षण में यदि वास्तव में कोई कर्मचारी गंभीर रूप से बीमार या ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं पाया गया तो उसका नाम ड्यूटी लिस्ट से हटा दिया जाएगा।   

24 हजार कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी
पंचायत चुनाव में 1849 मतदान केंद्र और 4657 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर पीठासीन अधिकारी समेत चार कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इस तरह से करीब 24 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें 15 से 20 फीसदी कर्मचारी रिजर्व रखे गए हैं।

प्रभारी अधिकारी कार्मिक/एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह ने कहा कि जिले में एक ही चरण में चुनाव होने हैं। ऐसे में करीब 24 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बीमार कर्मचारियों के परीक्षण के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय के पास यह बोर्ड, ऐसे कर्मचारियों का परीक्षण करेगा।

वास्तव में बीमार मिलने वालों की ड्यूटी काट दी जाएगी। कर्मचारियों से अपील है कि निर्वाचन कार्य में सभी की सहभागिता अनिवार्य है। मतदान कार्मिकों को सिर्फ डेढ़ दिन की ही ड्यूटी करनी होगी। ऐसे में वे प्रसन्न होकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। सभी से सहयोग की अपेक्षा है।

 

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