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Gorakhpur news- लापरवाही: दिसंबर, जनवरी में पूरा होना था बिजली निगम का काम पर अभी नहीं हुआ शुरू, सीएम योगी ने किया था शिलान्यास

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गोरखपुर में बिजली निगम को जिन योजनाओं का 31 दिसंबर और 15 जनवरी तक पूरा करवा लेना था, उन पर अब तक काम भी शुरू नहीं हो पाया है। यह हाल तब है, जबकि इन परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। यही नहीं, शिलान्यास के समय ही इन योजनाओं पर खर्च होने वाली कुल राशि में से 21 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री कोष से जारी कर दी गई थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि सीएम की महत्वाकांक्षी योजनाओं का यह हाल तो बाकी का क्या हाल होगा?

शहरी व ग्रामीण विद्युत खंडों में जर्जर बिजली के खंभे और उन पर झूल रहे जर्जर तारों को बदलने की मांग लगातार की जा रही थी। इस संबंध में नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने भी निगम के पास कई प्रस्ताव भेजे थे। इसके बाद बिजली निगम की तरफ से लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये से लोहे के जर्जर खंभों को हटाने से लेकर 60 किमी तक एबीसी केबल बिछाने का प्रस्ताव तैयार करके डिस्काम को भेजा गया।

इसी बीच शहरी क्षेत्र में दिव्यनगर और बिछिया उपकेंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव भी तैयार हो गया। इसमें शहरी क्षेत्र के बिजली घरों के फीडरों को जोड़ा जाना था। सात नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं का वर्चुअली शिलान्यास किया था। शिलान्यास के वक्त ही तय किया गया था कि जर्जर पोलों को बदले जाने का काम 31 दिसंबर 2020 तक पूरा करना है, जबकि नए उपकेंद्र बनाने के काम को 15 जनवरी 2021 तक पूरा करना होगा। लेकिन, आलम यह है कि जिन कामों को जनवरी में पूरा हो जाना था उनके लेटर ऑफ इंडेंट 22 फरवरी को जारी किए गये। कुछ दिनों पहले टेंडर निकाला गया। अब डिस्काम से अनुबंध जारी होने की इंतजार है।

 

कार्यदायी संस्था ने शुरू की जीओ टैगिंग

जर्जर खंभों को बदलने की जिम्मेदारी नोएडा की फर्म मेसर्स कैपिटल इलेक्ट्रेट प्राइवेट लिमिटेड को मिली है। फर्म की तरफ से जीओ टैगिंग का काम शुरू किया गया है। इसके तहत कहां के खंभे बदले जाएंगे और कहां पर तारों को बदलना है, इसे गूगल के माध्यम से टैग किया जाना है। सूत्रों की मानें तो खंभे और तारों को बदलने का काम अप्रैल के बाद ही शुरू हो पाएगा। इस तरह तकरीबन 90 दिन की देरी से काम शुरू हो पाएगा।

31 मार्च तक करना है बांस-बल्ली हटाने का काम

शहरी व ग्रामीण के कुछ इलाकों में बांस-बल्ली को हटाकर सीमेंटेड पोल लगाने का 11 करोड़ का काम भी इस योजना में शामिल है। इस काम को खत्म करने की समय सीमा दो बार बढ़ाई जा चुकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक में दोनों कामों में देरी होने पर नाराजगी जताई थी। बांस-बल्ली के काम को 31 मार्च तक खत्म करने का निर्देश भी दिया था।

ये काम कराए जाने थे

नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर तारों व खंभों को हटाकर एबीसी केबिल डालना- 7.10 करोड़ रुपये

इन वार्डों में होना था काम  

वार्ड संख्या- 1, 3, 5, 6, 13, 17, 18, 19, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 34, 35, 39, 44, 46, 49, 50, 51, 55, 60 व 64

 

इन उपकेंद्रों का किया था शिलान्यास

दिव्य नगर क्षेत्र में 33 केवी उपकेंद्र के निर्माण व लाइन निर्माण का काम- 6.48 करोड़ रुपये
बिछिया क्षेत्र में 33 केवी उपकेंद्र का निर्माण व लाइन निर्माण का काम- 9.44 करोड़ रुपये

टेंडर निकल गया है। एक-दो दिन में कार्यदायी संस्था से अनुबंध हो जाएगा। डिस्काम की तरफ से काम की फाइल को लेकर विलंब हुआ है, साथ ही कुछ अन्य भी कारण हैं। योजना निगम की प्राथमिकता में है। बांस-बल्ली के काम को 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। 85 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है।– देवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता

दोनों उपकेंद्र बनाए जाने का काम प्रस्तावित है। बन जाने के बाद खोराबार बिजली घर के अलावा शाहपुर बिजली घर के कुछ फीडरों को इनसे जोड़ा जाना है। टेंडर खुल गया है। अब काम शुरू करवाया जाएगा।– एमके गौड़, अधिशासी अभियंता विद्युत माध्यमिक कार्यखंड

 

कार्यदायी संस्था ने शुरू की जीओ टैगिंग

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