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Gorakhpur news- UP Budget 2021: कर्मचारी संगठनों के नेता निराश, बोले- ‘बजट से बहुत उम्मीद थी लेकिन…’

गोरखपुर में राज्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी सरकार के बजट से बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि बजट से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं मगर सब टूट गईं। पिछले साल से बंद पड़ा महंगाई भत्ता बहाल नहीं किया गया, जबकि महंगाई तेजी से बढ़ रही है।

कर्मचारियों के साथ छल हुआ

कर्मचारियों को सरकार ने धोखा दिया है। महंगाई भत्ता बहाल नहीं किया गया। सहमति के बाद भी वर्षों से 14 विलंबित भत्ते एवं मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस इलाज व न्यू पेंशन स्कीम को गारंटेड पेंशन किए जाने के संबंध में कोई निर्णय नहीं किया गया। कर्मचारियों के साथ छल हुआ है। सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है।– रूपेश कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

अफसरों ने सरकार को गुमराह किया

प्रदेश के नौकरशाहों ने एक बार फिर सरकार को गुमराह किया। महंगाई भत्ता समेत कई मांगों को बजट में काट दिया गया, जिससे कर्मचारियों को गहरा आघात लगा है। साल भर से महंगाई भत्ता बंद है। अब जबकि कोरोना से देश उबर गया है। वैक्सीन आ गई है, लाखों कर्मचारियों को उम्मीद थी कि महंगाई भत्ता बहाल होगा मगर ऐसा नहीं हुआ। – अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष, कोषागार कर्मचारी संघ

पेंशनरों के साथ विश्वासघात

सरकार ने पेंशनरों के साथ विश्वासघात किया। महंगाई भत्ता पेंशनरों का बड़ा सहारा होता है। मगर सरकार ने एक साल से फ्रीज इस भत्ते को बहाल नहीं किया, जबकि महंगाई बढ़ती जा रही है। पेंशनरों को उम्मीद थी कि बजट में उनके लिए ऐसा कुछ प्रावधान किया जाएगा जिससे राहत मिलेगी। मगर सरकार ने धोखा दिया। – डॉ. जेपीएल श्रीवास्तव, अध्यक्ष सिविल पेंशनर प्रकोष्ठ

सरकार को कर्मचारी हितों की फिक्र नहीं

सरकार को कर्मचारी हितों की फिक्र नहीं है। सरकार का रवैया कर्मचारी विरोधी है। बजट में कर्मचारियों को न तो कोई नई सुविधा दी गई और न साल भर से बंद महंगाई भत्ता बहाल किया गया। इसका खामियाजा आने वाले समय में सरकार को भुगतना पड़ेगा। – ई. श्रीनाथ गुप्ता अध्यक्ष, यूपी पीडब्ल्यूडी टेक्निकल असिस्टेंट एसोसिएशन

 

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