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Gorakhpur news- UP Budget 2021: भाजपा ने एतिहासिक तो विपक्ष ने बजट का बताया निराशाजनक

भाजपा ने योगी सरकार के बजट को एतिहासिक बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे निराशाजनक करार दिया।  

बजट समग्र विकास की राह आसान करेगा। रोजगार भी बढ़ेगा। किसान, नौजवान, महिलाएं, दलित और शोषित वंचितों का कल्याण होगा। गोरखपुर और वाराणसी मेट्रो के लिए भी बजट मिला है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए 860 करोड़ का बजट मिला है। गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का संकल्प सराहनीय है। पर्यटन की दृष्टि से गोरखपुर और कुशीनगर में एयरपोर्ट को विकसित करने की योजना सरकार की पूर्वांचल के विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पूर्वांचल के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर को स्मार्ट सिटी बनाने लिए बजट की व्यवस्था स्वागत योग्य कदम है। किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प, गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगा। -डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपा

प्रदेश सरकार का यह बजट केंद्र सरकार के बजट की तरह ही खोखला है। यह बजट किसान, गरीब, मजदूर सहित हर वर्ग को निराश करनेवाला है। बेरोजगारी दूर करने की कोई पहल नहीं की गई है। रोजगार सृजन के बारे में सोचा ही नहीं गया है। सिर्फ यह चुनावी बजट है। हवा-हवाई बजट से प्रदेश की जनता का भला नहीं होगा।-घनश्याम राही, जिलाध्यक्ष बसपा

सरकार का बजट गरीबों, मजदूरों, दुकानदारों, महिलाओं, बुनकर और किसान विरोधी है। शिक्षा की अनदेखी की गई है। डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से हर सामान महंगा हुआ है। खाने-पीने की चीजों से लेकर भवन निर्माण सामग्री तक के दामों में उछाल होने से आम जनता बेहाल है। बजट में पेट्रोलियम कीमतों को कम करने को लेकर कोई रोडमैप नहीं तैयार किया गया। युवाओं के रोजगार की दिशा में इस बजट में कुछ भी नहीं किया गया है। किसानों का कितना बकाया है, इसे बताया ही नहीं गया। पूरी तरह से धोखा देने वाला बजट है। हर वर्ग ठगा हुआ महसूस कर रहा है। – नगीना प्रसाद साहनी, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

यह चुनावी बजट है। ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे किसानों, बेरोजगारों और युवाओं का फायदा हो सके। लोक लुभावन बजट आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पेश किया गया है। प्रदेश भर के कॉलेजों के नवीनीकरण के लिए 200 करोड़ का बजट ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करता है। बेरोजगारी दूर करने की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। गरीब, मध्यमवर्गीय और किसानों के लिए बजट निराशाजनक है। जनता को छलने का प्रयास किया गया है। जनता बजट के आंकड़ों के खेल को समझ चुकी है। -निर्मला पासवास, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

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