HomeलखनऊLucknow news- एसजीपीजीआई प्रशासन को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने...

Lucknow news- एसजीपीजीआई प्रशासन को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश

एसजीपीजीआई में शिक्षकों की भर्ती में संशोधन होगा। अनुसूचित जाति आयोग ने रोस्टर का पालन करते हुए नए सिरे से जारी करने का निर्देश दिया है।

इसके लिए एक माह का वक्त दिया है। इस मामले को अमर उजाला ने वरीयता से उठाया था। पीजीआई में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे।

कुछ शिक्षकों ने आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग पहुंचा। इस पर आयोग सदस्य अंजूबाला के समक्ष निदेशक और एससी-एसटी के लाइजन ऑफिसर को तलब किया गया।

शुक्रवार को आयोग के सामने निदेशक प्रो. आरके धीमान, रजिस्ट्रार डॉ. अफजल, लाइजन ऑफिसर (एससी) डॉ. विकास कन्नौजिया, लाइजन ऑफिसर (ओबीसीसी) डॉ. सुदीप कुमार उपस्थित हुए। आयोग के सामने पूरा ब्यौरा रखा।

यह भी बताया कि नई भर्ती में 165 पद पर आवेदन मांगे गए हैं। इसमें 83 पद आरक्षित हैं। आयोग सदस्या ने पहले से कार्यरत संकाय सदस्यों और नई भर्ती के पदों पर विस्तार से चर्चा की।

पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भर्ती प्रक्रिया को दोषपूर्ण माना। पूर्व में जारी को निरस्त करने का निर्देश दिया। रोस्टर का पालन करते हुए एक माह में नए सिरे से जारी करने का निर्देश दिया है।

आयोग ने किया तलब तो बने लाइजन ऑफिसर

एसजीपीजीआई में लंबे समय से लाइजन ऑफिसर का पद खाली चल रहा था। आयोग ने तीन मार्च को निदेशक को तलब किया। साथ में यह भी कहा कि एससी-एसटी लाइजन ऑफिसर भी साथ आएं। इस पर आननफानन 10 मार्च को संस्थान में लाइजन ऑफिसर की नियुक्ति की गई। इसमें ओबीसी लाइजन ऑफिसर की जिम्मेदारी हृदय रोग विभाग के प्रो. सुदीप कुमार और एससी-एसटी लाइजन ऑफिसर नेत्र रोग विभाग के प्रो. विकास कन्नौजिया को जिम्मेदारी सौंपी गई ।

अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा

एसजीपीजीआई में शिक्षकों की नियुक्ति में रोस्टर का पालन नहीं होने का मामला सबसे पहले अमर उजाला ने उठाया था। 22 फरवरी को माई सिटी के पेज एक पर पीजीआई: आरक्षण की अनदेखी का आरोप शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि संस्थान में कार्यरत कुल 223 संकाय सदस्यों में एसटी शून्य है। एससी के 25 और ओबीसी के 28 पद हैं। दोनों को मिलाकर सिर्फ 53 पद हैं। जबकि नियमानुसार एसटी को दो फीसदी, एससी को 21 फीसदी और ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। खबर में बताया गया कि आरक्षण नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसके बाद मामले में सांसद कौशल किशोर ने भी शिकायत की।

Most Popular