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Lucknow news – खुद पर हमला कराने का मामला: BJP सांसद कौशल किशोर का बेटा दूसरी बार पुलिस के सामने पेश हुआ, पत्नी अंकिता अस्पताल से डिस्चार्ज

मड़ियांव कोतवाली में सांसद का बेटा आयुष। - Dainik Bhaskar

मड़ियांव कोतवाली में सांसद का बेटा आयुष।

इससे पहले 14 मार्च को आयुष ने दर्ज कराया था अपना बयानआयुष पर दर्ज है साजिश और धोखाधड़ी का मामला

खुद पर हमला कराने के आरोप में घिरे मोहनलालगंज के भाजपा सांसद के पुत्र आयुष मंगलवार की शाम एक बार फिर लखनऊ में मड़ियांव कोतवाली पहुंचे। जहां उससे फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल के बाबत जानकारी ली जा रही है। इससे पहले 14 मार्च को आयुष मड़ियांव पुलिस के सामने पेश हुआ था। ADCP उत्तरी प्राची सिंह का कहना है कि 41(A) की नोटिस दी गई थी, जिसके बाद से आयुष अपना बयान दर्ज कराने आ रहे हैं।

उधर, आयुष की पत्नी को सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उसने रविवार रात सांसद के आवास के बाहर पहुंचकर अपने हाथ की नस काटकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। उससे पहले उसने एक वीडियो जारी किया था। जिसमें उसने आयुष पर गंभीर आरोप लगाए थे।

घर पर 41-ए नोटिस कराई गई थी चस्पामंगलवार को आयुष अपने वकील के साथ मड़ियांव कोतवाली पहुंचा। इंस्पेक्टर के कमरे में विवेचक के द्वारा आयुष से पूछताछ की जा रही है। ADCP प्राची सिंह का कहना है कि 14 मार्च को 41 A की नोटिस आयुष को तामील कराई गई थी। इसके बाद बयान के लिए बुलाया गया था। यह विवेचना का पार्ट है। पूरा घटनाक्रम क्या रहा? क्या विवाद रहा? पत्नी अंकिता के आरोपों में क्या सच्चाई है? तमाम पहलुओं पर आगे पूछताछ होगी।

क्या है पूरा मामला

मड़ियांव कोतवाली क्षेत्र में 2 मार्च की रात 2:10 बजे भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष पर फायरिंग हुई थी। बाद में इस मामले में आयुष के साले आदर्श को पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का दावा था कि आयुष ने कुछ लोगों को फंसाने के लिए साले से खुद पर गोली चलाई थी। आदर्श को पुलिस ने जेल भेज दिया था। आयुष रविवार को हजरतगंज पुलिस के सामने पेश हुआ था।

आयुष की गिरफ्तारी पर तीन दिन पहले हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी थी। आयुष के खिलाफ 120 बी, 420, 505 IPC के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इन सभी धाराओं में सजा का प्रावधान 7 साल से अधिक नहीं है। ऐसे में CrPC में प्रावधान है कि ऐसे मामले में आरोपी को राहत दी जाती है और उसकी गिरफ्तारी से पहले नोटिस जारी किया जाता है। यदि आरोपी के फरार होने की आशंका है तो मजिस्ट्रेट को बताकर गिरफ्तारी की जाएगी।

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