Home लखनऊ Lucknow news- घटती रिकवरी दर, बढ़ते गंभीर मरीजों से बढ़ीं मुश्किलें

Lucknow news- घटती रिकवरी दर, बढ़ते गंभीर मरीजों से बढ़ीं मुश्किलें

घटती रिकवरी दर, बढ़ते गंभीर मरीजों से बढ़ीं मुश्किलें

चंद्रभान यादव

राजधानी में कोरोना मरीजों की रिकवरी की दर गिरती जा रही है। 19 नवंबर को जहां रिकवरी दर 99.82 फीसदी थी, रविवार को 93.75 फीसदी हो गई।

मरीजों के मिलने की दर में 0.42 फीसदी तक की गिरावट के बावजूद एक्टिव केस बढ़ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ इस ट्रेंड को दिल्ली जैसा मान रहे हैं।
रिकवरी दर घटने का साफ मतलब है एक्टिव केस का बढ़ना। एक्टिव केस 4.68 फीसदी से बढ़कर 4.91 फीसदी तक पहुंच गए हैं।
रिकवरी कि दर में हो रही गिरावट को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों ने आईसीयू, हाई डिपेंडेंसी यूनिटों की टीमों को अलर्ट कर दिया है। आइसोलेशन वार्डों को भी मरीज भर्ती करने के लिए तैयार कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अलर्ट के बावजूद स्थानीय लोगों के सहयोग के बिना हालात को काबू करना मुश्किल होगा।
इन आंकड़ों से भी समझें किस तरह बढ़ रही गंभीर मरीजों की संख्या
राजधानी में इन दिनों मिलने वाले कुल मरीजों में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पॉजिटिव आने वाले मरीजों में जो लोग 60 साल से अधिक उम्र के होते हैं या उनमें पहले से कोई बीमारी होती है उन्हें अनिवार्य रूप से हॉस्पिटल भेजने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से हॉस्पिटल भेजे जाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 17 नवंबर को मिले मरीजों में सिर्फ 55 मरीजों को हॉस्पिटल भेेजने की जरूरत पड़ी थी। वहीं, 18 नवंबर को 105, 19 को 102, 20 को 143, 21 को 111 और 22 को 130 लोगों को हॉस्पिटल अलॉट करना पड़ा।
क्या दिल्ली का ट्रेंड हमारे लिए भी खतरे की घंटी
दिल्ली-एनसीआर में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लखनऊ से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का दिल्ली आना-जाना रहता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सा विशेषज्ञ दिल्ली में कोरोना के बढ़ते असर को लखनऊ के लिए भी खतरनाक मान रहे हैं।
दिन-प्रतिदिन रिकवरी की स्थिति
19 नवंबर 99.82 फीसदी
20 नवंबर 93.79 फीसदी
21 नवंबर 95.23 फीसदी
22 नवंबर 93.75 फीसदी
संक्रमण की दर में मामूली गिरावट
दीपावली के बाद 15 से 18 नवंबर के बीच लिए गए कुल सैंपल की अपेक्षा पॉजिटिव मरीज 3.70 फीसदी मिले थे। इसके बाद लगातार सैंपल की संख्या बढ़ाई गई तो संक्रमण की दर 3.28 फीसदी पहुंच गई। इस हिसाब से देखें तो संक्रमण की दर में 0.42 फीसदी की गिरावट राहत देती है। लेकिन हॉस्पिटल अलॉट किए जाने वालों का आंकड़ा बताता है कि मिलने वाले कुल मरीजों में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। सप्ताह भर पहले जहां 1 या 2 मौत हो रही थीं, वहीं रविवार को 6 मरीजों की मौत के साथ ही मौतों का आंकड़ा 963 पर पहुंच गया है। मौतों का आंकड़ा 3 दिन से लगातार बढ़ रहा है।
वायरस की स्थिति में कोई बदलाव नहीं
एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. उज्ज्वला ने बताया कि अभी तक की जांच में वायरस की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिखा है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। सभी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे मुख्य वजह यही है कि परिवार के लोग बिना डर बाहर निकल रहे हैं और वायरस लेकर घर में लौट रहे हैं। इससे घर में मौजूद बुजुर्ग और दूसरी बीमारियों की चपेट में रहने वाले भी वायरस की चपेट में आ रहे हैं।
हर स्तर पर बढ़ा रहे हैं तैयारियां
लोहिया संस्थान के मातृ-शिशु एवं रेफरल केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि आईसीयू पहले की तरह फुल है। रविवार को एचडीयू में भी मरीज भर्ती किए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड के लिए भी टीम बढ़ाई जा रही है। मातृ-शिशु रेफरल केंद्र में बने कोरोना हॉस्पिटल में सभी तरह की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर टीम तैयार है।
सितंबर की तरह तैयारियां मुकम्मल
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि वार्ड में गंभीर मरीज ज्यादा आ रहे हैं। आईसीयू पूरी तरह फुल हैं। एचडीयू की 698 बेड में 600 भरे हुए हैं। दिल्ली की स्थिति को देखते हुए आइसोलेशन वार्ड में टीमें बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी तो व्यवस्था बना ली गई है। सितंबर की तरह सभी तरह की तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं।

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