Home लखनऊ Lucknow news- घरों से टप्पेबाजी करने वाले चार गिरफ्तार, माल बरामद

Lucknow news- घरों से टप्पेबाजी करने वाले चार गिरफ्तार, माल बरामद

लखनऊ। ठाकुरगंज पुलिस ने शनिवार को घरों से टप्पेबाजी करने वाले चार आरोपी धर्मेंद्र शाह, शम्भू शाह, कैलाश कुमार शाह और सोनू कुमार को पीपे वाले पुल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को चारों के पास से सोने के जेवरात, मोबाइल और दो बाइक बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

ठाकुरगंज थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार दुबे के मुताबिक, घरों से जेवर साफ करने के बहाने या सेल्समैन बनकर टप्पेबाजी के मुकदमे दर्ज हो रहे थे। इसके लिए पुलिस की टीमें टप्पेबाजों की तलाश में लगी थी। इस बीच शनिवार को चार टप्पेबाजों की सूचना मिली कि माल बेचने के लिए पीपे वाले पुल पर खड़े हैं। पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि महिलाओं से टप्पेबाजी करते वक्त सेल्समैन बनकर व बुजुर्गों को डराकर टप्पेबाजी करते थे। चारों आरोपी धर्मेंद्र शाह, शम्भू शाह, कैलाश कुमार शाह और सोनू कुमार मूलरूप से समेली बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपियों के पास से सोने की दो चेन, एक जोड़ी कंगन, एक जोड़ी कटा हुआ कंगन, दो अंगूठी, एक रूद्राक्ष माला, चार लॉकेट, चार मोबाइल फोन व दो मोटर साइकिल बरामद हुआ है।

रेकी कर करते थे टप्पेबाजी

चारों ने पूछताछ में बताया कि किसी इलाके में टप्पेबाजी करने से पहले इलाके में घूमते थे। दोपहर के वक्त अकेले रहने वाली महिलाओं को निशाना बनान के लिए दूसरे दिन सेल्स मैन बनकर घटना को देते थे अंजाम। वहीं पार्कों और बाजारों में निकलने वाले बुजुर्गों पर नजर रखते थे। मौका पाते ही उनको किसी घटना को बताकर डराते थे इसके बाद उनके साथ टप्पेबाजी को अंजाम दे देते थे।

एक साथ निकलते थे चारों

पुलिस के मुताबिक, चारों एक साथ सड़कों पर बाइक से घूमते थे। एक बाइक आगे चलती थी, दूसरी थोड़ी पीछे। घटना को दो लोग अंजाम देते थे। अगर जरूरत पड़ती थी तो बाकी दोनों भी आ जाते थे।

100 से 150 से घटनाओं को दे चुके अंजाम

चारों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। अभी 25 से 30 घटनाओं को कुबूल कर लिया है। बाकियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। थाना प्रभारी के मुताबिक, लखनऊ ही नहीं आसपास के इलाकों में भी ये लोग टप्पेबाजी करते थे। इसी से चारों अपना खर्चा चलाते थे। यह गिरोह करीब 100 से 150 वारदातों को अंजाम दे चुका है।

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