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Lucknow news- नर्सिंग छात्र की मौत का मामला: कोर्ट के आदेश पर चार माह बाद महिला दोस्त पर दर्ज हुआ केस, पढ़ें- पूरी जानकारी

केजीएमयू के नर्सिंग छात्र अमन चौधरी की हत्या हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या के बाद शव को गोमती नदी में फेंका गया था। अमन के पिता ने इस मामले में हसनगंज थाने में बेटे की दोस्त वर्षा के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एसजीपीजीआई परिसर में रहने वाले धर्मेश कुमार का बेटा अमन चौधरी केजीएमयू से बीएससी नर्सिंग का छात्र था। वह खदरा स्थित न्यू ब्वॉय हॉस्टल में रहता था। पिता धर्मेश के मुताबिक, अमन की दोस्ती नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा वर्षा से थी।

लॉकडाउन के दौरान अमन घर आ गया था। 23 जुलाई को अमन के पास एक कॉल आई जिसके बाद वह हॉस्टल जाने की बात कहकर घर से निकला। 25 जुलाई की रात को धर्मेश के पास उसके दोस्त अमित सिंह की कॉल आई।

उसने बताया कि अमन हॉस्टल में नहीं है। बेटे की तलाश के लिए वह हॉस्टल पहुंचने वाले थे। तभी रास्ते में उन्हें अमित ने कॉल कर हसनगंज थाने पहुंचने को कहा। वहां हॉस्टल के अन्य छात्र भी मौजूद थे।

 

गुमशुदगी दर्ज होने के दो दिन बाद मिला था शव

पिता के मुताबिक, 25 जुलाई को उन्होंने अमन के लापता होने का केस दर्ज कराया। इसके दो दिन बाद 27 जुलाई को हसनगंज पुलिस ने उन्हें गोमती नदी में मिले शव की शिनाख्त कराने के लिए बुलाया। उन्होंने कपड़े और मोबाइल से शव की शिनाख्त अमन के रूप में की।

बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद से वह काफी परेशान रहने लगे। इसी बीच उन्हें पता चला कि 23 जुलाई को रात में वर्षा के काल करने पर अमन घर से निकला था। हॉस्टल के कमरे से भी महिला का सैंडल बरामद हुआ था।

वर्षा ने कॉल कर परिजनों से अमन की मेल आईडी का पासवर्ड भी मांगा था। धर्मेश के मुताबिक, वह इस मामले में संदेह के आधार पर वर्षा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने हसनगंज थाने गए थे। लेकिन पुलिस ने उनका केस दर्ज नहीं किया।

इसके बाद धर्मेश ने कोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने चार महीने बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ वर्मा के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।

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गुमशुदगी दर्ज होने के दो दिन बाद मिला था शव

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