HomeलखनऊLucknow news- महिलाओं का आर्थिक रूप से अत्मनिर्भर होना जरूरी

Lucknow news- महिलाओं का आर्थिक रूप से अत्मनिर्भर होना जरूरी

गौरीगंज (अमेठी)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सोमवार को ‘अमर उजाला’ ने अपराजिता अभियान के तहत शहर के राजकीय आईटीआई में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।

‘आत्मनिर्भर नारी, आत्मनिर्भर प्रदेश’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने उन्हें इसके तमाम विकल्प सुझाए। महिलाओं और छात्राओं ने भी अपना पक्ष रखा। कहा कि परिवार के साथ अपना सम्मान बनाए रखने के लिए आधी आबादी का आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि महिलाओं के लिए संभावनाओं के अनगिनत रास्ते हैं। वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के सामने उदाहरण प्रस्तुत करें।

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सेल्फ हेल्प ग्रुप के रीजनल समन्वयक मयंक त्रिवेदी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनका लाभ उठाकर महिलाएं ऋण लेकर अपना व्यवसाय कर सकती हैं।

प्रभारी बीडीओ अरविंद सिंह ने अमर उजाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को सिर्फ कुछ करने के लिए ठान लेने की जरूरत है।

एडीओ आईएसबी साबिर अनवर और आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य अजय सिंह ने भी महिलाओं से कहा कि वे आत्मनिर्भर होंगी तो सशक्त प्रदेश और देश का निर्माण होगा। इस मौके पर महिला स्वयं सहायता समूह की 70 महिलाओं के अलावा आईटीआई के विभिन्न ट्रेड की 30 छात्राएं मौजूद रहीं।

25 लाख तक का ऋण उपलब्ध

जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आरके पांडेय ने कहा कि उनके विभाग ने महिलाओं के लिए पिटारा खोल रखा है। महिलाओं को मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार योजना के तहत बैंक के माध्यम से सकारात्मक उद्योग के लिए एक से 10 लाख रुपये तक का पांच साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत एकमुश्त 35 प्रतिशत अनुदान पर एक से 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी चाहिए।

महिलाएं बैंक का लें सहयोग

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के रीजनल सेल्फ हेल्प ग्रुप के समन्वयक मयंक त्रिवेदी ने कहा कि उनकी बैंक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का हर संभव प्रयत्न कर रही हैं। महिलाएं समूह गठित कर एक से पांच लाख रुपये व अपग्रेड होने पर एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद हासिल कर कोई कारोबार शुरू कर सकती हैं। उन्होंने ऐसा कर रहे कई ग्रुप का उदाहरण दिया।

महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं

प्रभारी बीडीओ अरविंद सिंह ने कहा कि विकास विभाग भी महिलाओं को मनरेगा समेत कई योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बना रहा है। महिलाओं को चाहिए कि वे अपनी झिझक छोड़ें और कुछ करके दिखाएं।

शक्ति की प्रतीक हैं महिलाएं

एडीओ आईएसबी साबिर अनवर ने कहा कि महिलाएं शक्ति का प्रतीक हैं। महिला शक्ति, समूह शक्ति और बैंक शक्ति मिल जाएं तो भारत को पुन: सोने की चिड़िया बनाया जा सकता है।

इच्छाशक्ति को करें जागृृत

राजकीय आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य अजय सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए इच्छा शक्ति को जागृत करना होगा। इच्छा शक्ति जागृत होगी तभी आधी आबादी को अपना हक मिल सकेगा।

महिलाओं का बढ़ाया हौसला

सोलर चरखा से सूत कातकर आत्मनिर्भर बन चुकीं उद्यमी किरन शुक्ला ने महिलाओं का हौसला बढ़ाया। कहा मात्र कुछ महीनों में उन्होंने इस उद्यम के जरिए न सिर्फ हजारों रुपये की कमाई की बल्कि लोगों की प्रेरणा भी बनीं।

आत्मनिर्भर होना जरूरी

ख्वाजा गरीब नवाज स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सन्नो बेगम ने कहा कि उन्होंने समूह का गठन कर तीन भैंस से अपना व्यवसाय शुरू किया। आज न सिर्फ वे बल्कि उनके समूह से जुड़ी सभी महिलाएं आत्मनिर्भर हैं।

…हम होंगे कामयाब एक दिन

महक स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष शशि सिंह, विकास स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष गुंजन सिंह, विनू स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बीनू सिंह, ख्वाजा गरीब नवाज स्वयं सहायता समूह की सदस्य शरीफुन्निशा व नसीमुन्निशा, ज्योति स्वयं सहायता समूह की सदस्य कुसुम यादव, शतरूपा स्वयं सहायता समूह की सदस्य गायत्री श्रीवास्तव के अलावा फैशन डिजाइन ट्रेड में आईटीआई कर रहीं प्रिया सरोज व इलेक्ट्रीशियन में आईटीआई कर रहीं गरिमा सिंह ने कहा कि अमर उजाला के इस कार्यक्रम से हमें प्रेरणा मिली। हम भी सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनेंगे।

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