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Lucknow news – माहौल बिगाड़ने की साजिश का मामला: PFI के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई: UP में लखनऊ-बाराबंकी समेत देश 7 राज्यों में 26 स्थानों पर हो रही छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय की टीम में लखनऊ, बाराबंकी में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों की छापेमारी कर रही है।

दिल्ली में हुई हिंसा में सामने आए PFI कनेक्शन पर ईडी सबसे बड़ी छापेमारी हो रही है

उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय की टीम में लखनऊ, बाराबंकी में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों की छापेमारी कर रही है। डायरेक्टर ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश समेत देश के 7 राज्यों में ईडी के द्वारा छापेमारी की जा रही है। दिल्ली में हुई हिंसा में सामने आए पीएफआई कनेक्शन पर ईडी की सबसे बड़ी छापेमारी हो रही हैं। ईडी ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार देश के 26 स्थानों पर छापेमारी चल रही है, जिसमें लखनऊ और बाराबंकी भी शामिल है।

PFI कनेक्शन को लेकर ईडी की यूपी समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी

लखनऊ बाराबंकी समेत 26 जगहों पर पर ईडी की पूरे देश में छापेमारी में हो रही है। केरल दिल्ली राजस्थान और यूपी में ईडी छापेमारी मारी कर रही हैं। यूपी में मथुरा में गिरफ्तार हुए आरोपी से पूछताछ के बाद CAA-NRC की हिंसा में लखनऊ से पकड़ा गया नदीम बाराबंकी के कुर्सी इलाके का रहने वाला था। जिससे जुड़े लोगों का कनेक्शन खंगाला जा रहा है।

केरल में 6,तमिलनाडु ने 5,कर्नाटक में 3,दिल्ली में 2,बिहार मे2,महाराष्ट्र में 1,राजस्थान में 1 और यूपी में 2 ठिकानों पर छापेमारी हो रही हैं। हाथरस कांड में मथुरा से पकड़े गए पीएफआई के सक्रिय सदस्यों से पूछताछ के बाद छापेमारी हो रही हैं।

मथुरा में पकड़ा गया आरोपी दिल्ली यूनिट में है पदाधिकारीजानकारों के अनुसार मथुरा में पकड़े गए चार आरोपियों में एक आरोपी दिल्ली यूनिट में पदाधिकारी है। जो कि केरल और अन्य राज्यों में पीएफआई के सदस्यों के संपर्क में रहता है। रिमांड में चारों से पूछताछ के बाद से मिले इनपुट और किए जा रहे पैसों के ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी के संबंध में या छापेमारी की जा रही है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जनरल सेक्रेट्री मोहम्मद शकिफ़ ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, पीएफआई पदाधिकारियों के घरों पर ईडी की तलाशी किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने और बीजेपी सरकार की नाकामियों को छुपाने की घिनौनी कोशिश हैं। संवैधानिक संस्थानों को राजनीतिक हथियार बनाने की एक और मिसाल, इस तरह की कार्यवाही हमें इंसाफ की आवाज़ उठाने से नहीं रोक सकतीं और न ही वे अधिकारों की लोकतांत्रिक लड़ाईयों को कमज़ोर कर सकती हैं।

Input – Bhaskar.com

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