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Lucknow news – यूपी में राज्यसभा चुनाव: अखिलेश यादव की बसपा में सेंधमारी काम नहीं आई, सपा समर्थित बजाज का पर्चा खारिज; सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय

बसपा प्रमुख मायावती।

बसपा ने राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर रामजी गौतम को बनाया है प्रत्याशीसपा ने रामगोपाल यादव और भाजपा ने आठ उम्मीदवार उतारे हैं

उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम समय तक कशमकश का दौर जारी रहा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा में सेंधमारी कर सपा के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन वो कामयाब नहीं हो सके। नामांकन प्रपत्रों की जांच के बाद जहां सपा समर्थित उम्मीदवार प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज हो गया। वहीं, बसपा के प्रत्याशी रामजी गौतम का पर्चा वैध पाया गया। इसके बाद यह तय हो गया कि अब यूपी में चुनाव की स्थिति टल गई है और सभी दस प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश बजाज ने कहा है कि पर्चा खारिज करने को वह हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

बसपा उम्मीदवार का पर्चा वैध पाया गयाबसपा के प्रत्याशी राम जी गौतम के द्वारा तीन सेट में अपना नामांकन दाखिल किया गया था। तीन सेट में एक सेट का प्रस्तावक और सभी कागजात सही पाए गए हैं। इसके आधार पर राम जी गौतम का नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया। दो अन्य सेट में प्रस्तावक बने सदस्यों में से चार बसपा के वापस लेने वाले विधायक प्रस्तावक नहीं थे।

विधायक का नाम गलत लिखना भारी पड़ा

निर्दलीय मैदान में उतरे सपा समर्थित प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज कर दिया गया। बताया गया कि प्रस्तावक में सपा विधायक नवाब जान के स्थान पर नवाब शाह लिख दिया गया था। इस नाम का कोई विधायक सदन की सूची में न होने के कारण प्रकाश बजाज के प्रस्तावकों के नाम गलत पाए गए। लिहाजा, पर्चा खारिज कर दिया गया है। अब भाजपा के आठ, सपा के राम गोपाल और बसपा के रामजी गौतम का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सात विधायकों ने बगावत कर दी थी। बागी विधायकों में श्रावस्ती से विधायक असलम राईनी भी शामिल थे। उन्होंने बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा पर देख लेने व जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

इन विधायकों ने की बगावत

नामकहां से विधायकअसलम राइनीभिनगा (श्रावस्ती)असलम अलीढोलाना (हापुड़)हर गोविंद भार्गवसिधौली (सीतापुर)मुज्तबा सिद्दीकीप्रतापपुर (प्रयागराज)हाकिम लाल बिंदहांडिया (प्रयागराज)सुषमा पटेलमुंगरा बादशाहपुर (जौनपुर)वंदना सिंहसगड़ी (आजमगढ़)

बागी विधायकों ने क्या कहा?

विधायक असलम अली ने कहा कि हमारा नाम प्रस्तावकों में शामिल किया गया था। लेकिन, जब हमें पता चला कि बसपा कैंडिडेट को भाजपा के सपोर्ट से राज्यसभा भेजने की जुगत मायावती लगा रही हैं, तो हमने विद्रोह किया। हम भाजपा के विरोधी हैं। हमें इसलिए वोट मिला। अगर यह कैंडिडेट भाजपा के सपोर्ट से राज्यसभा जाता है तो हम क्षेत्र में जनता को क्या मुंह दिखाते। उन्होंने बताया कि कल हमारी मायावती से भी बात हुई थी। हमने उन्हें अपना निर्णय बता दिया था। अब पार्टी हमारे विद्रोह पर जो भी फैसला लेगी, उसके लिए हम तैयार हैं।विधायक असलम राइनी ने कहा कि हम 4 विधायकों ने एफिडेविट दिया है कि बसपा प्रत्याशी के नामांकन में हमारे हस्ताक्षर और प्रमाणपत्र नहीं थे। रामजी गौतम द्वारा नामांकन दाखिल किया गया, वह पूर्णतया गलत है। आज हम 4 विधायकों ने एफिडेविट देकर अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। उन चार विधायकों में मैं खुद, मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद, असलम अली हैं। असलम चौधरी की पत्नी ने कल ही सपा जॉइन की है।

विधानसभा में पार्टी वार विधायकों की स्थिति

पार्टीविधायकभाजपा305सपा48बसपा18अपना दल (एस)09कांग्रेस07सुभासपा04रालोद01एनआईएसएचडी01निर्दलीय03

26 अक्टूबर को भी अखिलेश यादव से हुई मुलाकात

सूत्र बताते हैं कि बसपा के बागी विधायकों ने 26 अक्टूबर को अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के नामांकन दाखिल करने के बाद विधायकों ने अखिलेश से संपर्क साधा था। मुलाकात की जानकारी गोपनीय रखी गई। अखिलेश यादव ने नामांकन के आखिरी डेट तक पूरी प्रक्रिया का इंतजार किया और सपा के 10 विधायकों के प्रस्तावों के साथ वाराणसी के रहने वाले प्रकाश बजाज का निर्दलीय नामांकन करवा दिया। वहीं, बसपा के बागी विधायकों ने मंगलवार को ही अपना एफिडेविट बनवा लिया था।

कौन हैं प्रकाश बजाज जिनके लिए अखिलेश यादव ने चली चाल

प्रकाश बजाज वाराणसी के रहने वाले हैं और पेशे से कॉर्पोरेट वकील हैं। प्रकाश के पिता पूर्व विधायक प्रदीप बजाज हैं। 1977 में प्रदीप बजाज जनता पार्टी से विधायक चुने गए थे। वह काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य भी रह चुके हैं। हालांकि, प्रदीप खुद राजनीति से अब दूर हैं, लेकिन अब वह अपने बेटे प्रकाश बजाज को सक्रिय राजनीति में लेकर आए हैं।

9 नवंबर को आएंगे परिणाम

भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा 13 अक्टूबर को की थी। इन दस सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना 20 अक्टूबर को जारी हो गई है। प्रदेश के दस राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 27 अक्टूबर तक भरे गए। 28 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की होगी। 2 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 9 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होना था। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होनी थी। हालांकि अब चुनाव की स्थिति नहीं आएगी। सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाएंगे।

Input – Bhaskar.com

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