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Lucknow news – लखनऊ में मनेगी छोटी दिवाली: गाय के गोबर से बने एक लाख दिये रौशन करेंगे गोमती तट; समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से किया तैयार; सीएम योगी की रहेंगे मौजूद

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिये बनाने के आर्डर दिए गए।

हनुमान सेतु स्थित झूलेलाल वाटिका में होगा भव्य कार्यक्रमगौ सेवा आयोग आजीविका मिशन के सहयोग से कर रहा कार्यक्रम

भगवान राम की नगरी अयोध्या में दीपावली पर्व पर 5.51 लाख दिये जलाकर रिकॉर्ड बनेगा। इसकी तैयारी जोरों पर है। मगर प्रभु राम के प्रिय भाई लक्ष्मण द्वारा बसाए गए शहर लखनऊ में भी दीपोत्सव की खास तैयारी चल रही हैं। यहां छोटी दिवाली यानी 13 नवंबर को एक लाख दीपों से गोमती तट रौशन होगा। यह दिये गाय के गोबर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए गए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

हनुमान सेतु पर होगा कार्यक्रम, महिलाओं को मिला रोजगार​हनुमान सेतु के निकट झूलेलाल वाटिका में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन गौ सेवा आयोग के द्वारा आजीविका मिशन के सहयोग से होने जा रहा है। यह कार्यक्रम इसलिए भी अपने में अनूठा होगा क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर राजधानी में यह पहला दीपोत्सव का कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम की एक और बड़ी खासियत यह होगी कि यह रंग-बिरंगी दिये स्वयं सहायता समूह की हजारों महिलाओं द्वारा खास तौर पर गाय के गोबर से तैयार किए जा रहे हैं। इन दिये को बनाने में जुटीं महिलाएं इससे होने वाली आमदनी को लेकर भी उत्साहित हैं, क्योंकि यह उनके व परिवार के जीवन स्तर में बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

महिला समूहों ने बनाए रंग बिरंगे दिये।

महिला समूहों ने बनाए रंग बिरंगे दिये।

मूर्तियां भी तैयार कर रहीं हैं महिलाएंअपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास व पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में उन्हें कई तरह के नए-नए काम सौंपे जा रहे हैं। वह घर बैठे अपने हुनर के बल पर अच्छी कमाई कर रहीं हैं। दीपावली के दीपक बनाने के साथ ही वह मूर्तियां भी तैयार कर रहीं हैं। यह मूर्तियां और दीपक मिट्टी, राख व गोबर को मिश्रित कर बनायी जा रहीं हैं, जो कि पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही खाद के रूप में भी इस्तेमाल करने के योग्य हैं। इस काम में प्रदेश के करीब 750 स्वयं सहायता समूह लगे हैं। इस पहल से 5000 से अधिक महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर पैदा किए गए हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” सूत्र वाक्य को भी चरितार्थ करता है और आत्मनिर्भर भारत की सोच को भी मजबूती देने वाला है।

मिला कमाई का जरिया-जीवन में बदलाव आया​प्रतापगढ़ जिले में दीपक व मूर्तियां बनाने में जुटीं शारदा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसे जीवन में एक बड़े बदलाव के रूप में देखती हैं। समूह की सचिव रेखा देवी का कहना है कि आज घर बैठे इतना काम करने का अवसर उपलब्ध है कि समूह से जुड़ीं महिलाओं की घर-गृहस्थी की गाड़ी को चलाने में पैसा कहीं से आड़े नहीं आता। समूह के जरिये लोग पैसा लेकर अपना कारोबार भी शुरू कर चुके हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में आए बदलाव को साफ देखा जा सकता है। अयोध्या जिले के मो. शाह बाबा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष शबीना खातून बताती हैं कि उनके यहां 20 समूह से जुड़ीं करीब 200 महिलाएं करीब चार लाख दीप बत्ती बनाकर दीपावली के पर्व में अपना अहम योगदान दे रहीं हैं।

Input – Bhaskar.com

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