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Lucknow news- लखनऊ विश्वविद्यालय में शैव दर्शन पर पीएचडी व पीजी डिप्लोमा की होगी पढ़ाई

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय का अभिनव गुप्त शोध संस्थान नए सत्र 2021-22 से शैव दर्शन, सौंदर्य शास्त्र, तंत्रागम आदि विषयों में पीएचडी कराने के साथ ही दो पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू करेगा। संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग के साथ अभिनव गुप्त शोध संस्थान के लिए पीएचडी की सीटें भी निर्धारित की जा चुकी हैं। साथ ही शासन द्वारा यहां शिक्षकों के भी पद स्वीकृत किए जा चुके हैं।

विश्वविद्यालय में नए सत्र के लिए यूजी व पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत उक्त कवायद को भी पूरा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में अभिनव गुप्त शोध संस्थान की स्थापना यूं तो काफी पहले हो चुकी थी, किंतु इसका अपना भवन न होने से दिक्कत आ रही थी। इसी क्रम में पिछले दिनों बजट व शिक्षकों के पद भी शासन द्वारा स्वीकृत किए गए थे, जिस पर कवायद तेजी से शुरू हुई। डीन कला संकाय व निदेशक प्रो. बृजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि इस बार शोध संस्थान में पीएचडी की सीटें अलग से निर्धारित की गई हैं, जिसमें अभिनव गुप्त के प्रमुख विषयों शैव दर्शन, सौंदर्य शास्त्र, तंत्रागम, नाट्य शास्त्र आदि पर पीएचडी करवाएंगे। साथ ही तंत्रागम, सौंदर्य शास्त्र, संस्कृत रंगमंच पर पीजी डिप्लोमा भी कराएंगे, जिसमें 20-20 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। सभी प्रमुख बॉडी से इसे पास करा दिया गया है। विवि की पीजी प्रवेश प्रक्रिया के साथ इसके लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।

दो करोड़ से तीन मंजिला नया भवन तैयार

निदेशक प्रो. शुक्ला ने बताया पिछले दो साल से बन रहा तीन मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है, जिसमें लाइब्रेरी, सेमिनार हॉल, आधा दर्जन क्लास रूम व निदेशक कार्यालय का निर्माण किया गया है। इसका 23 मार्च को उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा विधिवत उद्घाटन करेंगे। साथ ही संस्थान की ओर से ‘संस्कृत वांग्मय में शिव तत्व विमर्श : प्रतिवज्ञा दर्शन के परिप्रेक्ष्य में’ विषयक दो दिवसीय सेमिनार का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसका 23 मार्च को उद्घाटन होगा।

नए सेमेस्टर से पहले भरे जाएंगे अस्थायी शिक्षकों के पद

लखनऊ विश्वविद्यालय विषम सेमेस्टर की परीक्षा के बाद शुरू होने वाले नए सेमेस्टर से पहले सेल्फ फाइनेंस कोर्सों में शिक्षकों की कमी दूर करने में जुट गया है। विश्वविद्यालय की ओर से इस महीने के अंत तक 180 से अधिक शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की कवायद तेज कर दी गई है। विश्वविद्यालय में बीटेक, एमबीए, लॉ आदि कई स्ववित्तपोषित कोर्स चलते हैं, जिसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से संविदा शिक्षकों के लिए आवेदन मांगे गए थे। उक्त के सापेक्ष लगभग 2000 आवेदन आए हैं, जिनकी विभाग स्तर पर स्क्रीनिंग का काम आखिरी चरण में है। पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर जल्द ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। कवायद यह है कि नए सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू होने से पहले इनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही लगभग इतने ही स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसे जुलाई से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।

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