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Lucknow news- साझेदारी का अनुबंध कर कंपनी ने हड़पे 15 लाख रुपये ठगे

इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली का कारोबार करने वाली कंपनी जीएस एजेंसी के संचालक ने गौतमबुद्धनगर की एम्प्लीफाई इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विप्लव एरोन समेत आलोक त्रिपाठी और तनुज मावी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर आनंद शाही का कहना है कि दोनों कंपनियों ने साझेदारी में काम करने का अनुबंध किया था। मामले की जांच की जा रही है।

इंस्पेक्टर ने बताया कि कानपुर रोड ओल्ड चुंगी स्थित सचान कॉम्प्लेक्स में शैलेश अग्रवाल का जीएस एजेंसी के नाम से कार्यालय है। करीब एक साल पहले गौतमबुद्धनगर में इकोटेक तृतीय फेज स्थित एम्प्लीफाई इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के आलोक त्रिपाठी, तनुज मावी और विप्लव एरोन ने उनसे संपर्क किया और साझे में कारोबार का प्रस्ताव रखा।

दोनों कंपनियों के बीच अनुबंध हो गया। शैलेश ने तीनों व्यक्तियों पर 15 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। शैलेश का कहना है कि एम्प्लीफाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के निदेशकों ने फर्जी अनुबंध किया और मूल धनराशि, कमीशन व ब्याज के रुपये हड़प लिए। उनकी तरफ से केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। आलमबाग कोतवाली में इटावा के भरथना निवासी ऋषि कुमार ने आलमबाग के पटियाला हाउस निवासी अंकित कुमार सिंह समेत लवकुश कुमार पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।

चीनी मिल में महाप्रबंधक की नौकरी का झांसा दे छह लाख ठगे
लखनऊ। गोमतीनगर थाने में सहकारी चीनी मिल के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक चेतन शर्मा ने नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। चेतन शर्मा का आरोप है कि शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी के मालिक बनकर वीके मिश्र नाम के व्यक्ति ने उन्हें महाप्रबंधक की नौकरी का प्रस्ताव दिया था।
इसके साथ ही उसने वाल्टरगंज में चीनी फैक्टरी डालने की बात कहते हुए उनसे छह लाख रुपये की मदद मांगी। वह उन्हें अपनी चीनी फैक्टरी ले गया जहां भानू प्रताप सिंह को अधिकारी बताते हुए मुलाकात कराई। वीके मिश्र के जाल में फंसकर चेतन शर्मा ने उसे रुपये दे दिए। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए कहा तो वीके मिश्र टरकाता रहा। उन्होंने रुपये वापस मांगे तो धमकी देते हुए भगा दिया गया। चेतन शर्मा ने पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि वीके मिश्र ने उन्हें जिस चीनी कंपनी में अधिकारी बताया था, वहां उस नाम का कोई व्यक्ति कभी रहा ही नहीं।

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