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Lucknow news- सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी की ली चुटकी, कहा- खुद धोखा खाते…

विधानसभा में बुधवार को बजट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी की चुटकी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष के बजट भाषण के दौरान सदन में रहना चाहते थे। उन्होंने वित्त मंत्री और चौधरी के मित्र सुरेश खन्ना के जरिये कहा भी था कि यदि चौधरी अपना भाषण दोपहर तीन बजे रखें तो वे सदन में रहेंगे। लेकिन चौधरी नहीं माने, कहा कि जब-जब चौधरी अपने मित्र की बात नहीं मानते हैं, वह धोखा खा जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से यह भी कहा कि आपको अपने मित्र सुरेश खन्ना के बजट पर तो भरोसा रखना चाहिए था, लेकिन आप हमेशा मित्र को धोखा देते हैं। सदन में एक विधायक ने कहा कि लालजी वर्मा को भी धोखा दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लालजी  तो बहुत सारी बातों को पेट में रखते हैं, बोलते नहीं है।

62 विधायकों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक विधानसभा में बजट पर भाजपा के 39, सपा के दस, अपना दल के तीन, बसपा के पांच, कांग्रेस के तीन और सुभासपा के दो सदस्यों ने अपने विचार रखे। इस प्रकार कुल 62 सदस्यों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया। 

बहरुपिया ब्रांड बन गया आज का समाजवाद : योगी

योगी आदित्यनाथ
– फोटो : Facebook

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय के साथ-साथ समाजवाद की परिभाषा भी बदल गई है। पुराने समाजवादी अच्छे लोग थे। समाजवादी आंदोलन देश का सशक्त आंदोलन था। आचार्य नरेंद्र देव, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण, चंद्रशेखर जैसे लोग हुआ करते थे। चंद्रशेखर का हवाला देते हुए योगी ने कहा कि समाजवादियों को संगति और संपत्ति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। आज का समाजवाद एक बाहुरुपिया ब्रांड बन चुका है। यह पारिवारिक और जातिवादी समाजवाद बन गया है। शिवपाल सिंह के पास जाएंगे तो वह प्रगतिशील समाजवाद हो जाता है। शिक्षा और समाजवाद नदी के दो अलग अलग छोर हो गए हैं।

बुधवार को विधान मंडल के दोनों सदनों में 2021-22 के बजट पर चल रही चर्चा का जवाब देते हुए सीएम योगी ने सपा पर जमकर हमला किया। विधान परिषद में सपा सदस्य सीएम के भाषण के बीच टोका-टाकी भी करते रहे। योगी ने 2020-21 के लिए पेश बजट को समग्र समावेशी और लोक कल्याण के संकल्प को पूरा करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि इसीलिए आम जनता के साथ ही उद्यमियों, व्यापारियों समेत तमाम संगठनों के लोगों ने इसकी सराहना की है। पिछले चार वर्षों में बजट का आकार बढ़ाने के साथ ही आम लोगों की आय बढ़ाने पर भी फोकस किया गया है। जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश की बदहाली के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश का बजट मात्र दो लाख करोड़ का बजट रहता था, जो ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ की तरह था, जिसे बढ़ाकर 5.50 लाख करोड़ पर ले आए हैं।

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा किइज ऑफ डूइंग के साथ इज ऑफ लिविंग को भी बेहतर बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने चार साल में एक विजन के साथ विकास का रोडमैप तैयार कर उसे लागू किया जो पार्टी (भाजपा) और प्रदेश को एक नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता  ‘विपत्ति जब आती है कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते। क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं। कांटों में राह बनाते हैं, मुंह से न कभी ऊह कहते।’ के माध्यम से कोरोना काल में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की चर्चा की।

प्रदेश वही, सोच नई

योगी ने सरकार की नीति, नीयत और पारदर्शिता पूर्ण कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही यूपी है जहां महज 4 साल में 40 लाख परिवारों को आवास और 1.38 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन मिला। 1947 से 2017 तक महज 2 फीसदी घर ही नल से जुड़े थे, जो अब 10 तक पहुंच गया है।1977-78 से गोरखपुर व बस्ती मंडल सहित 38 जिले इंसेफेलाइिटस से प्रभावित थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रभावित जिलों के लोगों में जागरुकता अभियान चलाया। नतीजन आज इंसेफेलाइिटस खत्म होने के कगार पर है। मुस्लिमों को भी सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा हैथ

वित्त मंत्री व अधिकारियों को दी बधाई

योगी ने पेपरलेस बजट पेश कर नया इतिहास रचने के लिए वित्त मंत्री और उनकी पूरी टीम को बधाई भी दी। उन्होने कहा कि बजट में हर घर को नल हर घर में बिजली, हर खेत को पानी और हर हाथ को काम देने के संकल्प निहित है। अभ्युदय योजना का जिक्त्रस् करते हुए योगी ने कहा कि इस योजना में युवाओं को टैबलेट दिए जाएंगे।

ऋण लेकर घी पियो के सिद्धांत पर काम करती थी पिछली सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें ‘जब तक जियो सुख से सियो, ऋण लो और घी पियो’ के सिद्धांत पर काम करती थी। सपा सरकार के समय योजनाएं स्वयं और परिवार के लिए बनती थी। सपा अपना दायरा और सोच आगे नहीं बढ़ा सकी।

विकास दर के बारे में भी बता दीजिए…

सीएम ने कहा कि पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था 14 वें स्थान पर थी जो अब दूसरे स्थान पर है। इस पर सपा के एमएलसी राजपाल कश्यप ने कहा कि प्रदेश की विकास दर के बारे में भी बता दीजिए, हमारे शासन काल में 11.4 प्रतिशत थी और आपके शासनकाल में 3.8 प्रतिशत हो गई है। यह आंकड़े कोरोना काल से पहले के हैं। अब विकास दर जीरो हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रति व्यक्ति आय 45 हजार रुपये थी जो अब 95 हजार हो गई है।

लाठर ने सीएम के दावे पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह सत्ता में आए तो प्रदेश के बजट का आकार 2 लाख करोड़ रुपये का हुआ करता था। उसे साल दर साल बढ़ाते हुए 5.50 लाख करोड़ तक ले आए हैं। इस पर सपा के संजय लाठर ने कहा कि मुख्यमंत्री पर असत्य बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार का आखिरी वर्ष का बजट 3.46 लाख करोड़ का था। अनुपूरक बजट को मिला लें तो यह 4 लाख करोड़ से अधिक का था। मुख्यमंत्री ने 2012 से 2017 के बीच बंद हुई चीनी मिलों के बारे में बताया तब भी संजय लाठर ने कहा कि ये चीनी मिलें कल्याण सिंह सरकार के जमाने से बंद हैं। मुख्यमंत्री ंने कहा कि बजट की कई हस्तियों ने तारीफ की है, जिसमें बाजार से जुड़े लोग और पुराने अधिकारी भी हैं। इस पर राजपाल कश्यप ने कहा कि बयान तो किसी से भी दिला सकते हैं।

दंगा न होना हिंदू-मुस्लिम दोनों के हित में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले के मुकाबले अपराध के आंकड़ों में कमी आई है। प्रदेश में अब दंगे नहीं होते। दंगे नहीं होने में हिंदू का भी हित है और मुस्लिमों का भी हित। महिलाएं भी खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज हमारी प्राथमिकता है।

बहरुपिया ब्रांड बन गया आज का समाजवाद : योगी

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