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Lucknow news- 20 में से 17 जिलों के भाजपा के 712 उम्मीदवार घोषित, ग्राम्य विकास मंत्री की पत्नी का टिकट कटा

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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में प्रतापगढ़ जिला पंचायत के वार्ड नंबर 6 से ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह को उम्मीदवार घोषित करने के बाद पार्टी ने उनका टिकट काटकर सीमा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पंचायत चुनाव में किसी भी मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी के परिवारजनों को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के निर्णय को सख्ती से लागू किया है। जिला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार बनाने पर ललितपुर के जिलाध्यक्ष से इस्तीफा ले लिया गया। जबकि अंबेडकर नगर के जिलाध्यक्ष की ओर से उम्मीदवार जताए जाने पर उनका भी इस्तीफा ले लिया है। पार्टी ने कैसरगंज के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह की पत्नी एवं निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष केतकी सिंह और उनके बेटे करन भूषण सिंह को भी उम्मीदवार नहीं बनाया है।

पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिला पंचायतों में सदस्यों के 787 पदों पर चुनाव होना है। पार्टी ने चित्रूकट के 17 और कन्नौज के 28 वार्डों में उम्मीदवारों की सूची 2 अप्रैल को जारी कर दी थी। शेष 18 जिला पंचायतों में से लखनऊ के 25, मुजफ्फरनगर के 43 में से 42, बागपत के 20, गौतमबुद्ध नगर के 6 में से 5, बिजनौर के 56, अमरोहा के 27, बदायूं के 51 में से 50, एटा के 30, मैनपुरी के 30 और इटावा के 24 वार्डों में पार्टी उम्मीदवारों की सूची मंगलवार को जारी की। इसी प्रकार ललितपुर के 21, प्रयागराज के 57 में से 55, लखीमपुर खीरी के 72, सुल्तानपुर के 45, गोंडा के 65, महराजगंज के 47, आजमगढ़ के 84 और वाराणसी के 40 में से 39 वार्डों में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की।

पार्टी की ओर से मंगलवार शाम जारी गोंडा जिला पंचायत सदस्यों के उम्मीदवारों की सूची में वार्ड नंबर 6 से ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। मीडिया में मंत्री की पत्नी को उम्मीदवार बनाए जाने की खबरें प्रसारित होने के बाद पार्टी ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए संशोधित सूची जारी करते हुए उर्मिला सिंह की जगह सीमा सिंह को उम्मीदवार घोषित किया।

कैसरगंज से भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह की पत्नी एवं निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य केतकी सिंह नवाबगंज प्रथम और ब्रजभूषण सिंह के बेटे करन भूषण सिंह नवाबगंज द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए प्रचार कर रहे है। केतकी सिंह और करन भूषण सिंह को टिकट दिलाने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक मजबूत पैरवी की गई। लेकिन पार्टी की ओर से किसी भी मंत्री, विधायक और सांसद के परिवारजन को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने की नीति के तहत ब्रजभूषण की पत्नी और बेटे को उम्मीदवार नहीं बनाया है। नवाबगंज प्रथम से पार्टी कार्यकर्ता दिवाकर को उम्मीदवार बनाया है। जबकि नवाबगंज द्वितीय से दिनेश यादव को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने गोंडा में पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान में अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पीयूष मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। पीयूष चुनाव जीतने पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार हो सकते है।

ललितपुर से भाजपा के जिलाध्यक्ष जगदीश लोधी ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार जताई थी। पार्टी ने जगदीश लोधी का इस्तीफा लेकर उन्हें वार्ड नंबर 19 कैलगुवा से उम्मीदवार बनाया है। राजकुमार जैन को ललितपुर में पार्टी का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।

इसी प्रकार अंबेडकर नगर के जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा ने भी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए उम्मीदवारी जताई है। हालांकि पार्टी ने अंबेडकर नगर के उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। लेकिन कपिलदेव वर्मा से इस्तीफा लेकर उनकी जगह मिथिलेश त्रिपाठी को पार्टी का जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।

पार्टी ने गोरखपुर जिले के वार्ड नंबर 34 से दिव्यांग संगीता अग्रहरि को उम्मीदवार बनाया है। संगीता और उनके पति पुरुषोत्तम अग्रहरि दोनों दिव्यांग है और पार्टी के कार्यकर्ता है।  पूर्व विधायक लाल ब्रजेश प्रताप चंद्र की पत्नी सीता चंद को वार्ड नंबर 40 पूर्वा द्वितीय से उम्मीदवार बनाया गया है। आजमगढ़ में विधानसभा चुनाव लड़े डॉ. कृष्णमुरारी विश्वकर्मा की पत्नी ज्योति विश्वकर्मा को वार्ड नंबर 53 रानीपुर से उम्मीदवार बनाया है। आजमगढ़ की अतरौलिया सीट से विधानसभा चुनाव लड़े कन्हैया निषाद के बेटे संजय निषाद को वार्ड नंबर 20 से उम्मीदवार बनाया गया है।

फिर खेला पिछड़ों पर दांव

भाजपा ने दूसरे चरण में भी अपने पिछड़े वोट बैंक पर दांव खेला है। सामान्य वर्ग की सीटों पर बड़ी संख्या में पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओ को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने खासतौर पर पूर्वांचल और पश्चिम में सपा के यादव वोट बैंक के खिलाफ पिछड़े वर्ग की अन्य जातियों में ध्रुवीकरण करने की रणनीति अपनाई है।

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