एक बार फिर से सरसों तेल के दाम में कमी आ गई है। कच्चे तेल के दाम में कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ महीने से सरसों और सोयाबीन के तेल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। लगातार होने वाली बढ़ोतरी के कारण लोग परेशान हो रहे थे। लेकिन अब सरसों और सोयाबीन ऑयल के दाम में 17 से ₹22 की कमी आ गई है।

इसकी वजह आयातित खाद्य तेलों के कर शून्य किए जाने के साथ-साथ सरकार द्वारा वायदा कारोबार पर रोक लगाने का आदेश जारी करना भी है। कारोबारियों का कहना है कि सरसों तेल के दाम में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। सरसों के तेल के दाम में कमी होने से लोगों के आम बजट में सुधार देखने को मिलेगा।

इतना कम हो गया सरसों तेल का मूल्‍य

बीते कुछ महीने में अगर तेल के दाम पर नजर डालें तो अक्टूबर-नवंबर में जो सरसों का तेल 185 रुपये प्रति लीटर के भाव बिक रहा था। इस इस समय वह घटकर 163 से 168 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह सोयाबीन का तेल नवंबर में 140 रुपये प्रति लीटर था वह अब घटकर 130 से 132 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

सोयाबीन तेल की कीमत में भी ग‍िरावट

कारोबारियों ने बताया कि सितंबर में सोयाबीन की फसल की उपज कम हुई थी। जिसकी वजह से सोयाबीन के तेल का दाम ₹90 प्रति लीटर से बढ़कर ₹140 प्रति लीटर हो गया। तेल के दाम में भी पिछले 4 महीनों में ₹45 की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई थी। लेकिन एक बार फिर से तेल के दाम में कमी दर्ज की गई है।

सरसों की पैदावार पिछले साल की तुलना इस साल अच्छी हुई है। दरबारियों का कहना है कि सरसों की उपज अच्छी हुई है जिसके कारण इस साल सरसों के तेल के दाम में अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी।

सरकार के पर्याय से तेल के दाम में पहले कमी देखने को मिली है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरसों तेल के दाम में और कमी होगी। अभी सरसों तेल के दाम में 10 से ₹12 की कमी हुई है। पिछले कुछ समय से लगातार तेल के दाम में बढ़ोतरी हो रही थी।