शहर में PPP Model पर प्रस्तावित रोपवे का शनिवार को ट्रेंडर खुल गया है। इसमें तीन एजेंसियां सामने आई। वाराणसी विकास प्राधिकरण के साथ टेंडर कराने के लिए लगाई गई नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड अब आई तीनों एजेंसी का तकनीकी परीक्षण करने के बाद फाइनेंसियल बिड का परीक्षण करेगी। कई बार टेंडर खुलने और किसी एजेंसी के नहीं आने पर शासन की ओर से विकास प्राधिकरण के साथ एनएचएलएमएल लगाया गया है। दोनों विभाग इस बार एजेंसी फाइनल करने के साथ काम शुरू कराने की तैयारी में है।

प्राइवेट पार्टनरशिप माडल पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना का विकास, क्रियान्वयन, निर्माण, संचालन और रख-रखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड  को जिम्मेदारी सौंपी है। रोपवे को तेजी से कराने के लिए पिछले माह विकास प्राधिकरण का एनएचएलएमएल के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था जिससे विकास को गति मिल सके।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को रोपवे के काम को पूरा करने के लिए लगाया गया है। एनएचएलएमएल ने परियोजना का अध्ययन कर पुन: फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर 14 मई को हाइब्रिड एन्यूइटी माडल  पर वीडीए ने निविदा निकाली है, फिर 30 जून और अब 15 जुलाई तथा अब शनिवार को निविदा खुलेगी।

शहर में ट्रैफिक का कम होगा दबाव

काशी में पुरानी सड़कें संकरी होने, ट्रैफिक का अधिक दबाव और जाम को देखते हुए शहर में रोपवे चलाने का निर्णय लिया गया है। वीडीए ने रोपवे के लिए 29 जून तक टेंडर के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि तय की थी और 30 जून को निविदा खुलनी थी लेकिन कोई एजेंसी नहीं आने पर वीडीए ने निविदा आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई करने के साथ 15 जुलाई को टेंडर खुलना था। इससे पहले भी वीडीए ने कई बार निविदा निकाली थी लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई। उधर, प्रस्तावित स्टेशन की जमीन अधिग्रहण करने और आंकलन में राजस्व विभाग जुटा है।

पांच स्थानों पर बनेगा स्टेशन

कंपनी ने एलाइनमेंट का विस्तृत अध्ययन कर पुन : फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर वीडीए को सौंपी है। फीजिबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना में पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं जिसमें पहला स्टेशन कैंट रेलवे स्टेशन, उसके बाद काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर क्रासिंग, जोकि टर्निंग स्टेशन होगा तथा अंतिम स्टेशन गोदौलिया पर प्रस्तावित किया गया है।

यह एजेंसिया आईं

-जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड

-गावर कंसट्रक्शन लिमिटेड

-विश्व समुद्र इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड

परियोजना में खास

लंबाई-3.750 किलोमीटर

लागत-461 करोड़