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नवनीत सीकेरा :पुलिस ने पिता को बेइज्जत किया तो , गुस्से में बेटा बन गया IPS

लोग कहते हैं कि गुस्से का जवाब गुस्से से ना देकर अपनी कामयाबी से दो. सचिन तेंदुलकर ने अपनी किताब में लिखा है कि कोई ईट का जवाब पत्थर से देता है लेकिन उन्हीं में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो लोगों द्वारा फेंके गए पत्थर से अपना महल खड़ा कर लेते हैं. इसी कहानी को साबित कर दिखाया है एक लड़के ने.

यह कहानी एक ऐसे लड़के की जिसने अपने पिता की बेज्जती का बदला लेने के लिए आईपीएस की नौकरी तक कर ली. क्या कहानी उत्तर प्रदेश कैडर के नवनीत सिकेरा की है. नवनीत के पिता की एक पर एक पुलिसकर्मी ने बेज्जती कर दी जिसके बाद गुस्से में आकर नवनीत ने अपने नौकरी छोड़ दी और आईपीएस की तैयारी करने लगे और उन्होंने अपने गुस्से को अपनी ताकत बनाया और पहले अटेंप्ट में ही यूपीएससी क्रैक कर ली.

फर्स्ट अटेम्प्ट में IIT एंट्रेंस एग्जाम क्रैक कर दिखाया- नवनीत सिकेरा अपने दसवीं के बाद एक कोचिंग में एडमिशन लेना चाहते थे लेकिन उनकी अंग्रेजी इतनी कमजोर थी कि कोचिंग वाले ने उन्हें कोचिंग का फॉर्म देने से मना कर दिया. इसके बाद से नवनीत ने अपने आईआईटी की पढ़ाई अपने खुद के दम पर घर पर ही किया. पहले प्रयास में उन्होंने आईआईटी एग्जाम को पास कर लिया और उन्हें आईआईटी रुड़की में दाखिला मिल गया. आईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अपने ग्रेजुएशन करने के बाद नवनीत को अच्छी नौकरी मिल गई.

नवनीत ने बताया कि जब उन्होंने अपने बीटेक की पढ़ाई की उसके बाद उन्होंने एमटेक में एडमिशन ले लिया. वह एमटेक पहले ही ईयर मे थे तभी उनके पिता के पास कुछ धमकी भरे फोन आने लगे. उनके पिता जब पुलिस थाने में इसकी कंप्लेंट करने गए तो पुलिस वाले ने उनकी बेइज्जती करके उन्हें पुलिस थाने से बाहर धक्का देकर गिरा दिया. इस हादसे का नवनीत के दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ा और उन्होंने बीच में एमटेक की पढ़ाई छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया.

उन्होंने बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए खुद से तैयारी शुरू कर दी और पहले ही अटेम्प्ट में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर ली.उनके नंबर इतने अच्छे थे कि उन्हें आईएस का पोस्ट मिल सकता था लेकिन उन्होंने आईपीएस का पोस्ट चुना. 32 साल की उम्र में नवनीत उत्तर प्रदेश के सबसे युवा एसएसपी बन गए.नवनीत की कहानी हमें यह सीख देती है कि अगर हम ठान ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं है.

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