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Gorakhpur news- आशिक मिजाज दरोगा प्रकरण: एडीजी फिर पहुंचे बस्ती, पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष हो रहा बयान

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में आशिक मिजाज दरोगा प्रकरण मामले में एडीजी अखिल कुमार मंगलवार सुबह बस्ती पहुंचे। वहां पहुंचकर वह सर्किट हाउस में जांच समिति के साथ मीटिंग करेंगे। वहीं पीड़िता, उसकी बहन और भाभी का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हो रहा है।

बता दें कि अपनी हरकतों से खाकी को दागदार करने वाले आशिक मिजाज निलंबित दरोगा दीपक सिंह को कोतवाली पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इन आरोपों में दर्ज है मुकदमा

इस मामले में मारपीट, हथियार से हमला करने, झूठा आपराधिक आरोप लगाने, गलत तरीके से प्रतिबंधित करने,  अपमानित करने, धमकी देने, स्त्री लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न करने, महिला को नग्न करने, महिला की छिपकर फोटो खींचने, महिला को अश्लील इशारा करने, बिना अनुमति घर में घुसकर चोट पहुंचाने, षड्यंत्र रचने या उसमें शामिल होने, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

 

ये है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान बिना मास्क लगाई एक लड़की को कोतवाली क्षेत्र की चौकी सोनूपार के इंचार्ज दीपक सिंह ने रोका और चालान न करने के एवज में उसका मोबाइल नंबर मांगा। लड़की ने आनाकानी की तो रौब दिखाकर नंबर ले लिया।

इसके बाद दरोगा युवती को अश्लील मैसेज भेजने लगा। विरोध करने में उसने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसी बीच, युवती के गांव में चकरोड के लिए विवाद हो गया। इस मामले में ग्रामीणों ने दरोगा को बंधक बना लिया था। ग्रामीणों के साथ ही युवती के परिवार वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया।

युवती ने अश्लील मैसेज प्रकरण की जानकारी देते हुए दरोगा द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की शिकायत की। जांच में लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया। हालांकि दरोगा को बैड इंट्री देकर कुशीनगर एयरपोर्ट पर तैनात कर दिया गया। दरोगा के भाई का भी बस्ती से तबादला हो गया।

इसके बाद युवती ने एक-एक कर परिवार पर चार फर्जी मुकदमे दर्ज करने की शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर वह सीएम और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष से मिली। मुख्यमंत्री और महिला आयोग के आदेश पर प्रमुख सचिव गृह ने मामले की जांच का निर्देश दिया था।

देर रात पीड़िता की तहरीर पर आरोपी दरोगा दीपक सिंह, उसके भाई एसआई राजन सिंह निवासी चौरीचौरा गोरखपुर, तत्कालीन कोतवाल रामपाल यादव और दो सिपाहियों पर कोतवाली थाने में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

 

ये है पूरा मामला

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