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Gorakhpur news- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में लगी आग, बाल-बाल बचीं छात्राएं

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में लगी आग, बाल-बाल बचीं छात्राएं

लार। बृहस्पतिवार की दोपहर शार्ट सर्किट से कस्तूरबा बालिका विद्यालय के दूसरे फ्लोर पर शिक्षिकाओं के कमरे में आग लग गई। इससे अफरातफरी मच गई। कमरे में घिरीं छात्राओं को किसी तरह निकाला गया। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों के सहयोग से दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान कई छात्राएं बेहोश हो गईं। तीन छात्राओं को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी पर पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आगजनी की घटना की जानकारी ली। उन्होंने अपनी मौजूदगी में कमरों की सफाई कराई।

बृहस्पतिवार की दोपहर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्राओं में फल वितरण की तैयारी की जा रही थी। वहीं कुछ शिक्षिकाएं छात्राओं को पढ़ा रही थीं। इसी बीच दूसरे फ्लोर पर शिक्षिकाओं के कमरे में फ्रिज के बोर्ड से शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग की लपटें और धुंए का गुबार देख बगल के कमरे में मौजूद छात्राओं ने शोर मचाया। वे कमरे में घिर गई थीं। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे गार्ड और शिक्षिकाओं ने छात्राओं को बाहर निकाला। इस दौरान आधा दर्जन छात्राएं गश खाकर गिर गई। किसी तरह शिक्षिकाओं ने उन्हें छत की सीढ़ियों से नीचे उतारा। आसपास के लोगों ने आग को बुझाने का प्रयास किया। लोग आग की लपटें देख सहम जा रहे थे। बाद में लार प्राथमिक विद्यालय से अग्निशमन यंत्र लाया गया। करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के बाद से बेहोश हुई तीन छात्राओं का इलाज सीएचसी में चल रहा है।

सूचना पर पहुंचे बीएसए संतोष कुमार राय ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने अपनी मौजूदगी में आग लगे कमरे की सफाई कराया। इस बाबत बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि छात्राएं बिल्कुल सुरक्षित हैं। शिक्षिकाओं के वार्ड में आग लगी थी।

बेहोश हुईं छात्राओं का चल रहा उपचार

लार। विद्यालय के कमरे में लगी आग को देख छात्राएं सहम गईं। इसमें कई छात्राएं बेहोश हो गईं। उन्हें मौजूद शिक्षिकाओं ने संभाला। बेहोश हुई कक्षा 6 की छात्रा नेहा, खुशबू, मुस्कान, सहित तीन अन्य छात्राओं का उपचार लार सीएचसी में चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार वह अभी भी सदमे में हैं। उन्हें डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

पापा मुझे घर ले चलिए, आज मेरा अंतिम दिन था

लार। आगजनी की घटना के बाद पहुंचे अभिभावकों को देख छात्राएं लिपट कर रोने लगी। घटना की चश्मदीद अन्नू ने अपने पापा से कहा कि आज तो लगा की मेरे जीवन का अंतिम दिन था। लेकिन ईश्वर का शुक्र है कि हम सभी बच गए। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा मुझे घर ले चलिए। यही हाल अन्य छात्राओं का भी था। अभिभावक उनका हौसलाअफजाई कर रहे थे।

देवदूत बन के पहुंचे शिक्षक और दुकानदार

लार। कस्तूरबा में आग लगने की सूचना पर सबसे पहले बस स्टैंड निवासी शिक्षक शिशिर राय, विद्यालय के समीप दुकान किए सुनील, विशाल, रघु राजभर अखिलेश वर्मा, गोविंद मिश्रा अफाक अहमद शरीफ अंसारी दौड़ पड़े। जिसमें आग बुझाने के दौरान सुनील, रघु, विशाल, आदि झुलस गए। इन्हें सीएचसी पर उपचार कराया गया। बीएसए और मौजूद लोगों ने इन लोगों के साहस को सराहा।

आग पर काबू पाने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

लार। आग पर पूरी तरह से काबू पाए जाने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। यह देख नाराज लोगों ने उसे लौटा दिया। लोगों का कहना था कि सूचना के दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची। जब की लोगों द्वारा आग पर काबू पाया गया।

बीएसए ने छात्राओं को सदमे से बाहर निकालने की कोशिश की

लार। आगजनी की घटना के दौरान करीब 41 छात्राएं कमरे घिरी हुई थी। घटना के बाद वह बदहवास होकर लार बीआरसी परिसर में लेटी हुई थीं। जब इस बात की जानकारी हुई तो बीएसए ने बीआरसी परिसर पहुंच छात्राओं के साथ खेल कर उन्हें सदमे से बाहर करने की कोशिश की।

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