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Gorakhpur news- खुशखबर: गोरखपुर में यहां बनेगा आयुष विश्वविद्यालय, चिह्नित हुई जमीन

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गोरखपुर जिले में बनने वाले प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अब भटहट ब्लॉक में जमीन चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन ने इस जमीन के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जानकारी दी है। अब शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। वहां से स्वीकृति मिलते ही जमीन हैंडओवर किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने इस बार भटहट ब्लॉक के ग्राम पंचायत तरकुलहां व पिपरी में 52 एकड़ जमीन चिह्नित की है। इस जमीन पर भू-माफियाओं की नजर थी। प्लाटिंग कर इसे बेचा जा रहा था। कुछ प्लॉटों के तो रजिस्ट्री होने की भी सूचना है। गत शनिवार को डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर सदर तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित ने राजस्व व पुलिस टीम के साथ जमीन पर से कब्जा हटाकर इसे प्रशासन के कब्जे में लिया।

 

बता दें कि आयुष विश्वविद्यालय स्थापित होने की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने एक साल पहले चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के मलमलिया गांव में जमीन चिह्नित की थी। इसे आयुष विभाग के नाम हैंडओवर भी किया जा चुका है। शासन की ओर से बजट भी जारी हो चुका है और विश्वविद्यालय को संचालित करने के लिए सीतापुर आंख अस्पताल परिसर में जिला प्रशासन की ओर से प्रशासनिक कार्यालय एवं कुलपति आवास के लिए जगह भी दी जा चुकी है। अभी शिलान्यास की तैयारी ही चल रही थी कि स्थानीय काश्तकारों ने हाई कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया।

 

पूर्व के झटकों से इस बार प्रशासन सतर्क

जमीन को लेकर आगे कोई पेंच न फंसे इसलिए शासन ने दूसरी जगह जमीन चिह्नित करने का निर्णय किया। तलाश शुरू हुई और सदर तहसील के जंगल डुमरी नंबर दो के बासस्थान में जाकर समाप्त हुई। प्रशासन ने वहां 100 एकड़ जमीन चिह्नित की। तय हुआ कि वहीं पर आयुष विश्वविद्यालय के साथ ही वेटनरी कॉलेज के लिए भी जमीन दी जाए। मगर वहां भी पेंच फंस गया और यहां की करीब 60 फीसदी जमीन को वन विभाग ने अपना बताया। दशकों से वन विभाग इस जमीन को भूला हुआ था। इसके बाद तीसरी जगह जमीन चिह्नित की गई है।

सीलिंग की जिस जमीन को जिला प्रशासन ने कब्जे में लिया है। उसकी प्लाटिंग की जा रही थी। कई लोगों ने रजिस्ट्री भी करा ली है। ऐसे में कोई कोर्ट से राहत न पा जाए इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कोर्ट में कैविएट भी डाल रखा है, ताकि एक पक्षीय फैसले में किसी को स्टे न मिले।

डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि भटहट क्षेत्र में सीलिंग की 52 एकड़ जमीन से कब्जा हटाकर प्रशासन ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है। मुख्य सड़क से सटी होने समेत कई अन्य सुविधाओं को देखते हुए इस जमीन पर आयुष विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा।

पूर्व के झटकों से इस बार प्रशासन सतर्क

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