HomeगोरखपुरGorakhpur news- जिला पंचायत चुनाव 2021: पूर्व अध्यक्षों की जिला पंचायत सदस्य...

Gorakhpur news- जिला पंचायत चुनाव 2021: पूर्व अध्यक्षों की जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने में नहीं दिखा रहे रुचि

विस्तार

गोरखपुर जिले में पांचों पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष इस बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने में रुचि नहीं दिखा रही हैं। इनमें से कुछ विधानसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। साल 1995 से त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू है। तब से 2015 तक हर चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर महिलाएं ही काबिज रही हैं। हालांकि यह पद किसी न किसी वर्ग के लिए आरक्षित रहा है, लेकिन महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं रहा है। पहली बार जिला पंचायत का अध्यक्ष पद अनारक्षित किया गया है।

   

निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष (2015-2020) गीतांजलि यादव हैं। वह सपा नेता मनुरोजन यादव की पत्नी हैं। मनुरोजन अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। वह पिछला विधानसभा चुनाव चोरीचौरा सीट से सपा के टिकट पर लड़कर हार चुके हैं। गीतांजलि कहती हैं कि उनका फोकस विधानसभा चुनाव पर है। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं लड़ेंगी।   

समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता और दो बार कैंपियरगंज विधानसभा से सपा व कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी चिंता यादव 2005-10 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। इस बार खामोश हैं। पूछने पर कहती हैं कि इस बार वह विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही हैं। उनका गांव टाउन एरिया में आ गया है। इस कारण जिला पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं लड़ेंगी।

पंचायतीराज व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई शोभा साहनी (1995-2000) अब राजनीति में ही सक्रिय नहीं हैं। उनके परिवार का कोई सदस्य भी राजनीति में नहीं है।  

 

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से कहा गया है कि सांसद और विधायक के परिजन चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस नाते भाजपा नेता जो परिवार के किसी सदस्य को चुनाव लड़ाना चाह रहे थे, चुप्पी साध लिए हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह के समर्थक फेसबुक पर उनके चुनाव लड़ने के बारे में अभियान चलाए हुए थे। अब वह भी खामोश हैं। साधना सिंह बसपा की सरकार होते हुए (2010-15) निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई थीं। बाद में प्रदेश में सपा की सरकार बन गई। इसके बावजूद उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उनके पति व कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह कहते हैं कि महराज जी जब कहेंगे तब वह चुनाव लड़ेंगी। फिलहाल उनको चुनाव नहीं लड़ना है, न ही उनकी कोई तैयारी है।

इसी तरह साल 2000-2005 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं सुभावती पासवान भी इस बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनका एक बेटा कमलेश पासवान सांसद और दूसरा बेटा विमलेश पासवान विधायक हैं। पार्टी के नियम के मुताबिक भी वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। सुभावती ऐसी नेता हैं जो विधायक, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष रहते वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार चुकी हैं। सुभावती उस समय सपा में थीं। उनका विधायक बेटा कहता है माता जी अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगी।

अब तक के जिला पंचायत अध्यक्ष…

जिपं अध्यक्ष              कार्यकाल
1- शोभा साहनी         1995-2000
2- सुभावती पासवान    2000-2005
3- चिंता यादव         2005-2010
4- साधना सिंह         2010-2015
5- गीतांजलि यादव     2015-2020

Most Popular