HomeगोरखपुरGorakhpur news- जीवित शख्स कागज में मृत: जिंदा को मृत दिखाने पर...

Gorakhpur news- जीवित शख्स कागज में मृत: जिंदा को मृत दिखाने पर बेटे ने तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो के खिलाफ दी तहरीर

विस्तार

गोरखपुर के मुस्तफाबाद उर्फ मलडर गांव के जियाऊ पाल (72) को मृत दर्शाकर उनकी संपत्ति को दूसरे के नाम दर्ज करने के मामले में शनिवार को बेटे बृजेश पाल ने सहजनवां थाने में तहरीर दी है। उन्होंने साल 2009 में लेखपाल और कानूनगो रहे अधिकारियों पर रुपये लेकर जालसाजी करने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर ने मामले की जांच एसआई को सौंपी है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, दो फरवरी को संपूर्ण समाधान दिवस में सहजनवां तहसील में प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचे जियाऊ ने आरोप लगाया था कि साल 2009 में तत्कालीन हल्का लेखपाल व कानूनगो ने उन्हें मृत घोषित कर उनकी संपत्ति चौथी के नाम कर दी। इसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब वह एक साल पहले किसान सम्मान निधि के लिए तहसील गए। जानकारी होने के बाद से ही वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं।

प्रार्थनापत्र के आधार पर तहसील सहजनवां न्यायिक मजिस्ट्रेट रामानुज तिवारी के न्यायालय में वाद दाखिल हो गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कानूनगो की निगरानी में एक टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है।

इसी संबंध में जियाऊ के बेटे बृजेश पाल ने शनिवार को सहजनवां थाने में तहरीर देकर तत्कालीन हल्का लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की गुहार लगाई है। तहरीर में बृजेश ने लिखा है कि तत्कालीन राजस्वकर्मियों द्वारा षडयंत्र कर संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया। इसी वजह से पिता की संपत्ति को चौथी नाम कर दिया गया है। चौथी का हमारे परिवार से कोई लेनादेना नहीं है।

 

रामकृष्ण अब मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

परिवार को डर है कि कहीं यह संपत्ति उनके हाथ से चली न जाए। ऐसा हुआ तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा। जमीन ही परिवार के जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन है। खेती-किसानी से पूरा परिवार चलता है। इंस्पेक्टर सहजनवां संजय मिश्रा का कहना है कि तहरीर मिली है। एसआई देवेंद्र लाल को जांच देकर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व रिकार्डों में मृत घोषित भस्कामाफी गांव के रामकृष्ण हरिदास ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि तहसील के चक्कर काटकर थक गए हैं। अब मुख्यमंत्री ही न्याय दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि सीएम से मिलने का प्रयास किया जा रहा है।

एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि अगर इस तरह की जालसाजी हुई है तो जांच कराकर नियमानुसार केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। रिपोर्ट मांगी है कि वास्तव में कहां, कैसे और किसने गड़बड़ी की है। सारे तथ्यों से अवगत होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी के साथ गलत हुआ है तो उसे न्याय मिलेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

रामकृष्ण अब मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत

Most Popular