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Gorakhpur news- यूपी पंचायत चुनाव 2021: लगा है घोटाले का आरोप तो इस बार नहीं लड़ पाएंगे प्रधानी का चुनाव

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सरकार की विभिन्न योजनाओं में घोटाला करने वाले निवर्तमान प्रधान या उनका कोई परिजन इस बार पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएगा। जिला प्रशासन ने ऐसी पंचायतों की सूची तैयार की है, जहां घोटाले की जानकारी होने के बाद वसूली का आदेश जारी हुआ है। इनमें आठ पंचायतें ऐसी हैं जहां अभी तक वसूली नहीं हो पाई है।

डीएम ने संबंधित ब्लॉकों को निर्देश दिया है कि गड़बड़ी करने वाले निवर्तमान प्रधान या उनके घर के किसी भी सदस्य को नो ड्यूज न जारी किया जाए। हालांकि इनमें से ज्यादातर सीटों पर आरक्षण बदलने से निवर्तमान प्रधान या उनके घर का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकेगा। इन पंचायतों के निवर्तमान प्रधान और सचिवों से 2.30 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इनमें सर्वाधिक 1.147 करोड़ रुपये की वसूली केवल चरगांवा के एकला नंबर दो के निवर्तमान प्रधान व सचिव से होनी है।

पंचायती राज विभाग की कई योजनाओं और मनरेगा में कई तरह की अनियमितता की शिकायत हुई थी। जांच में जो शिकायतें सही पाई गईं वहां के प्रधान व सचिव को नोटिस देकर संबंधित धनराशि की वसूली का निर्देश जारी हुआ। कई ने रकम जमा कर दी, मगर आठ पंचायतों से वसूली नहीं हो सकी है।

 

सबसे अधिक वसूली चरगांवा ब्लॉक के एकला नंबर दो ग्राम पंचायत से होनी है। यहां 28 मार्च को हुई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एक करोड़ 47 लाख की अनियमितता हुई है। इस संबंध में 30 मार्च को सचिव एवं निवर्तमान प्रधान को नोटिस जारी किया गया है।

इसी तरह बांसगांव ब्लॉक के कोहटारूप ग्राम पंचायत में 29 लाख 78 हजार रुपये की वसूली के निर्देश जारी हुए हैं। सहजनवां के मझौरा गांव में 83 लाख 64 हजार रुपये की वसूली का निर्देश है। इस मामले में चार जनवरी 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।

गगहा के चाड़ी ग्राम पंचायत में 17 लाख 70 हजार रुपये की वसूली होनी है। इसी ब्लॉक के जीवकर में दो कार्यकाल के करीब एक लाख 77 हजार, बेलघाट के टिकुलियाडाड़ में 86 हजार रुपये, गगहा के बेलकुर में 72 हजार रुपये व भटहट के बंथरा में एक लाख 83 हजार रुपये की वसूली की जानी है।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि आठ गांवों में विभिन्न अनियमितताओं के कारण वसूली का आदेश दिया गया है। संबंधित ब्लॉकों को भी इसकी जानकारी दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को अदेयता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
 

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