UPSC का सफर काफी ज्यादा मुश्किल होता है. इस परीक्षा को पास करने के लिए हर साल लाखों संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देते हैं. लेकिन यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत और एकाग्रता की अति आवश्यकता पड़ती है. देश के कोने कोने में लाखों संख्या में बच्चे इस एग्जाम की तैयारी करते हैं. लेकिन इसमें सफल कुछ प्रतिशत अभ्यर्थी हो पाते हैं.

आज हम आपको नूपुर गोयल की कहानी बताने वाले हैं जिन्होंने यूपीएससी में 11वां रैंक हासिल किया। नूपुर को यूपीएससी में कई बार और सफलता मिली लेकिन उन्होंने हार नहीं माना। उन्होंने ठान लिया था कि मुझे आईएएस अफसर हर हाल में बनना है और उन्होंने अपनी इस जिद को अपनी कामयाबी में बदल दिया।

ऐसा रहा शुरुआती सफर

नूपुर दिल्ली की रहने वाली है। वह जिस इलाके की रहने वाली है वहां के लोगों का मानना था कि लड़कियों को ज्यादा नहीं पढ़ना चाहिए। लेकिन नूपुर ने ठान लिया था कि उसे हर हाल में आईएएस अफसर बनना है। उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार कोशिश किया।

ऐसा रहा उनका सफर

साल 2014 में उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स और मेंस एग्जाम क्लियर कर लिया. लेकिन इंटरव्यू में उन्हें सफलता नहीं मिली. दूसरे प्रयास में वह प्रिलिमनरी परीक्षा भी नहीं निकाल पाईं. तीसरे प्रयास में एक बार फिर वह इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन सफल नहीं हुईं. चौथे प्रयास में उनका प्री एग्जाम भी क्लियर नहीं हुआ. एक बार फिर उन्होंने प्रयास किया और असफल हुईं. फिर उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक नौकरी ज्वाइन कर ली. इसके साथ-साथ तैयारी की और आखिरी प्रयास में साल 2019 में उन्होंने आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया.

नूपुर गोयल यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सलाह देती है कि कभी भी दूसरों को देख कर अपने आप को कम मत आंके। लगातार कोशिश करते रहे तभी आप सफल हो सकते हैं।