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Lucknow news- अधिकारियों के न मिलने पर आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों ने की नारेबाजी

बीकेटी ब्लॉक मुख्यालय पर प्रधान पद की आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे ग्राम पंचायत उसरना और नगवामऊ कला के ग्रामीणों ने सोमवार को अधिकारियों के न मिलने पर हंगामा किया।

ग्रामीणों का आरोप था कि आपत्तियां लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी ब्लॉक में मौजूद नहीं है। सूचना पर आननफानन में अधिकारियों ने ब्लॉक पहुंचकर ग्रामीणों से आपत्तियां लीं।

इस दौरान उसरना गांव के करीब 70 लोगों ने और नगवामऊ कला गांव की करीब 60 महिलाओं और पुरुषों ने प्रधान पद के लिए आपत्ति दर्ज कराई।

विरोध के दौरान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ सफाई कर्मियों के भरोसे ब्लॉक प्रशासन द्वारा आपत्तियां ली जा रही हैं।

वहीं, गुलालपुर देवरी रुखारा बरगदी कला सहित दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने प्रधान पद के आरक्षण को लेकर सोमवार को आपत्तियां दर्ज कराईं।

सोमवार की शाम तक बीकेटी ब्लॉक मुख्यालय पर प्रधान पद के लिए कुल 183 लोगों ने आरक्षण को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।

नगराम : आरक्षण न होने से अनुसूचित जनजाति में रोष

इलाके की पंचायत बजगहिय खवास में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 249 है। आरोप है कि यहां आरक्षण प्रक्रिया के लागू होने से अब तक इस जाति को मौका नहीं दिया गया, इससे इस वर्ग में निराशा है। बजगहिय खवास के रहने वाले अनुसूचित जनजाति के राधे मगता, रामकुमार समेत अन्य का आरोप है कि सरकारी सूची में यहां जनजाति की आबादी दर्ज होने के बावजूद आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा। गोसाईंगंज विकासखंड के अंतर्गत बजगहिया खवास में 249, मोहम्मदपुर गढ़ी में 18, आदमपुर नौबस्ता में 7 समेत कुल जनसंख्या 333 है। मोहनलालगंज में कुबहरा गांव में जनजाति की संख्या 23 के साथ कुल अनुसूचित जनजाति की संख्या 130 है। चिनहट में 38, बीकेटी में 8, मलिहाबाद में 41, माल में 6, सरोजनीनगर में 13, काकोरी विकास खंड में 45 जनसंख्या का आंकड़ा दर्ज है।

इटौंजा: कोई कर रहा विकास का वादा तो कोई ले रहा आशीर्वाद

इटौंजा में संभावित दावेदार चुनावी जनसंपर्क में लग गए हैं। मतदाताओं के पास जाकर कोई जीत का आशीर्वाद मांग रहा है तो कोई अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने का वादा कर रहा है। इसी क्रम में सदस्य जिला पंचायत चुनाव को लेकर संभावित प्रत्याशी बिंदेश्वरी रावत के समर्थकों ने कुनौरा शाहपुर, मलूकपुर, लालपुर तथा अन्य कई गांव में जाकर जनसंपर्क किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य के संभावित दावेदारों में अनुज कुमार भी प्रचार में लग गए हैं। वहीं निवर्तमान प्रधान जो फिर से दावेदारी कर रहे हैं, उनके द्वारा मतदाताओं के बीच जाकर कहा जा रहा है कि जो उनसे विकास कार्य छूट गए हैं, उनको इस बार पूरा किया जाएगा।

मलिहाबाद: आपत्तियों का दौर जारी

सोमवार को विकास खंड की 67 ग्राम पंचायतों व 90 क्षेत्र पंचायत वार्डों में 107 आपत्तियां दाखिल की गईं। सहायक विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी आपत्तियों को आपत्तिकर्ता के साक्ष्यों सहित जमा कर लिया गया है। क्षेत्र सदस्य की दो आपत्तियां हैं, मगर आपत्तिकर्ताओं ने कोई साक्ष्य पेश नहीं किया है। इससे उन्हें अभी शून्य ही माना जा रहा है। बाकी सभी आपत्तियों का 24 मार्च को समक्ष अधिकारियों के समक्ष निस्तारण किया जाएगा। बताते चलें कि पंचायती राज विभाग द्वारा जारी की गई नई व पुरानी सूची में काफी अंतर है। इसी के चलते बहेलिया, मलहा, सेंधरवा, हेमिरपुर, कसमण्डी कला, दौलत पुर, किठाई पारा, रमगढ़ा आदि पंचायतों से आपत्तियां दाखिल की गयी हैं।

मोहनलालगंज में आईं दस आपत्तियां

आरक्षण सूची जारी होते ही कुछ मायूस हुए लोगों ने ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर आपत्तियां दाखिल कर ग्राम पंचायत के आरक्षण में बदलाव करने की मांग की है। प्रस्तुत आपत्तियां विचार के लिए अग्रसारित कर दी गई हैं। खंड विकास अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि सोमवार तक दस आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं जिन्हें विचार के लिए भेज दिया गया है। वहीं, सोमवार को तहसील सभागार में मोहनलालगंज उपजिलाधिकारी विकास कुमार सिंह ने बैठक की। उपजिलाधिकारी ने बीते चुनावों में संवेदनशील, अति संवेदनशील व अति संवेदनशील प्लस बूथों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में जिन बूथों पर कोई न कोई घटना हुई थी उनकी सूची तैयार कर लें।

बदले समीकरण से कहीं खुशी कहीं गम

गोसाईंगंज। बदले आरक्षण के तहत चुनाव में कूदे उम्मीदवारों ने मतदाताओं की परिक्रमा शुरू कर दी है। हालात ये हैं कि चौराहों से लेकर गांवों की गलियों तक चुनावी हलचल है। वहीं ब्लाक में आरक्षण को लेकर कई लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली सीटों के चलते जहां एक ओर चुनाव से बाहर हुए प्रत्याशियों की लॉटरी लगी है तो दूसरी ओर मैदान से बाहर होने वालों को निराशा हाथ लगी है। हालांकि चुनाव मैदान से बाहर हुए कई प्रत्याशी अपने चालक व नौकर के सहारे चुनावी समर में आने की जुगत लगा रहे हैं। इसके अलावा बदली आरक्षण व्यवस्था में लाभ लेकर प्रमुख बनने का सपना देख रहे तीनों दावेदारों को फिर मायूसी हाथ लगी है। मठाधीशों ने एक बार फिर दूसरे पर दांव लगाया है। एडीओ पंचायत अशोक यादव ने बताया कि सोमवार को 35 आपत्तियां दर्ज की गईं।

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