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Lucknow news- अमेजन कंपनी के पांच करोड़ रुपये उड़ाने वाले गिरोह का खुलासा, पूर्व डिलीवरी बॉय गिरफ्तार

मड़ियांव पुलिस और साइबर क्राइम सेल की टीम ने अमेजन कंपनी को पांच करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए जालौन के उरई निवासी मेहित प्रजापति को गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह का कहना है कि गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं जिनकी तलाश की जा रही है। गिरोह करीब एक साल से अमेजन कंपनी से धोखाधड़ी कर रहा था। सिर्फ मेहित ने ही 15 से 20 लाख रुपये कमाए हैं। उसके दो बैंक खाता सीज करा दिए गए हैं।

इंस्पेक्टर ने बताया कि मेहित मूलरूप से मध्य प्रदेश के राजगढ़ का रहने वाला है। वह अमेजन कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता था। कंपनी की तरफ से उसे एक आईडी दी गई थी। कंपनी की कार्यप्रणाली जानने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी और धोखाधड़ी का काम शुरू कर दिया। कंपनी की आईडी का दुरुपयोग करते हुए प्रोडक्ट की वर्चुअल बुकिंग और वर्चुअल डिलीवरी का फर्जीवाड़ा करते हुए वह अपने खाते में भुगतान की रकम मंगाने लगा। पूछताछ में मेहित ने बताया कि एक साल के दौरान उसने कंपनी में 600 से अधिक प्रोडक्ट बुक कराए और भुगतान अपने बैंक ऑफ इंडिया व एक्सिस बैंक स्थित खातों में मंगाया। उसने 15 से 20 लाख रुपया कमाने की बात कुबूली है। पुलिस ने उसके दोनों बैंक खातों की पड़ताल की तो इतनी ही रकम जमा पाई गई। उसके दोनों खाते पुलिस ने सीज करा दिए हैं। पुलिस को उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड व अन्य सामान मिला है।

मालूम हो कि जुलाई में अमेजन कंपनी के प्रतिनिधि ने कंपनी का करीब पांच करोड़ रुपये ऑनलाइन उड़ाने का आरोप लगाते हुए मड़ियांव कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। मड़ियांव पुलिस और साइबर क्राइम सेल की टीम ने कंपनी का डाटा एनालिसिस किया तो मेहित का फोन व बैंक खाता नंबर मिला। मेहित को थाना बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने सच कुबूल कर लिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि गिरोह में कुछ और लोग भी हैं जिनकी तलाश की जा रही है। खुलासा करने वाली टीम में साइबर क्राम सेल मड़ियांव के निरीक्षक मो. अहमद, उपनिरीक्षक सुरेश गिरि, आरक्षी अजय प्रताप सिंह, हरिकिशोर, अर्चित कुमार, आशीष कुमार सिंह व संतोष कुमार शामिल थे।

निजी बैंक में एग्जिक्यूटिव के तौर पर शुरू की थी नौकरी
इंस्पेक्टर ने बताया कि मेहित प्रजापति ने पढ़ाई के बाद एक्सिस बैंक नई दिल्ली में नौकरी से शुरुआत की थी। वह बैंक में बिजनेस डवलपमेंट एग्जिक्यूटिव के पद पर था। छह महीने उसने बैंक में नौकरी की इसके बाद अमेजन कंपनी में डिलीवरी बॉय बन गया। हालांकि, वहां भी वह ज्यादा दिन नहीं टिका। कंपनी की कार्यप्रणाली को समझने के बाद उसके दिमाग में वर्चुअल बुकिंग और डिलीवरी का आइडिया आया और उसने धोखाधड़ी शुरू कर दी।
महंगे प्रोडक्ट बुक कराकर हड़पता था रकम
मेहित प्रजापति ने बताया कि वह अमेजन कंपनी में महंगे प्रोडक्ट की ही वर्चुअल बुकिंग कराता था। इस तरह से उसे अधिक से अधिक रकम मिलती थी। वह ज्यादातर पीतल व तांबे की मूर्तियां और बर्तनों की बुकिंग करता था।

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