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Lucknow news- अयोध्या में ‘अमर उजाला’ के काव्य कैफे में झूमे श्रोता, तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको…

‘अमर उजाला’ की ओर से आयोजित काव्य कैफे में श्रोता कविओं के पाठ की मधुर वाणी से मंत्रमुग्ध हो गए। करुण, हास्य, वीर व श्रृंगार की मिली जुली महफिल में तालियों की गड़गड़ाहट व वाहवाही का दौर खूब चला। सरस्वती माता के वंदन से लेकर अयोध्या में भगवान श्रीराम की गाथा तक का गुणगान कवियों ने किया। श्रृंगार  रस के गीतों ने काव्य कैफे को एक विराट कवि सम्मेलन का रूप देकर सफलता के पायदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कोहिनूर पैलेस में कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद वाराणसी से आए कवि दमदार बनारसी ने संचालन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। सबसे पहले प्रतिष्ठित कवियत्री शिखा सिंह उर्जिता ने कविता पाठ किया। उन्होंने अयोध्या व भगवान श्रीराम की धरती को नमन करते हुुए कहा कि ‘धर्म मर्म के कर्म हेतु संकल्पित परिणाम कहो, हो करबद्ध सभी मानव अभिमंत्रित जय श्रीराम कहो…’ पढ़कर समा बांध दिया। इनकी हर पंक्ति पर श्रोता ने खूब ताली बजाई।

अयोध्या में अमर उजाला द्वारा आयोजित काव्य कैफे में मौजूद अतिथि
– फोटो : अमर उजाला

वाराणसी से आए कवि दमदार बनारसी ने पूरे हास्य व वीर रस की विभिन्न कविताओं का पाठ कर पूरे समारोह को फूलों की भांति सजा दिया। इनकी कविताओं से हर चहरे पर मुस्कान खिल उठी। उनके कविता के अंश ‘मंजरी आम की कोयल की बोली याद रखना तुम, विजय गाथा सुनाती है टोली याद रखना तुम, वतन परस्तों ने जो खून का दरिया बहाया है, सरहद के उन शहीदों को याद रखना तुम…’ ने खूब ताली बटोरी।
श्रृंगार के जाने माने कवि विष्णु सक्सेना ने पूरी महफिल को एक सूत्र में पिरो दिया है। उनकी  कविताओं के आगे समस्त रस फीके पड़ गए। मोहब्बत से शुरू हुई बातें लोगों के दिलों में जगह बनाती गई। उन्होंने लगभग एक घंटे लगातार कविता पाठ किया। उन्होंने मुक्तक से लेकर गीत को पढ़कर काव्य कैफे को नई ऊंचाई दी। उन्होंने मुक्तक ‘तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको, इससे पहले कि कोई और बहा ले मुझको, आइना बनके गुजारी है जिंदगी मैंने, टूट जाऊंगा बिखरने से बचा ले मुझको…’ पूरी महफिल को मोहब्बत से लबरेज कर दिया। प्रतिष्ठित कवि अमन अक्षत की करुण व वीर रस से भरपूर कविताओं को लोगों ने खूब सराहा। उनके गीतों व मुक्तकों पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। उन्होंने पढ़ा कि ‘जग की सब पहेलियों का देके कैसा हल गए, लोक के जो प्रश्न थे वो शोक में बदल गए, सिद्ध कुछ हुए न दोष दोष सारे टल गए, सीता आग में न जलीं राम जल में जल गए…’।

अयोध्या में अमर उजाला द्वारा आयोजित काव्य कैफे में मौजूद अतिथि
– फोटो : अमर उजाला

कानपुर से आए हास्य कवि हेमंत पांडेय ने ठहाकों की महफिलों के साथ लोगों पर तीखे व्यंग किए। उन्होंने पढ़ा कि ‘बीजेपी का भारत में बस काम सुनाई देता है, योगी और अमित भाई का बस नाम सुनाई देता है, जिस दिन से मोदी ने बंगाल में इंट्री मारी है, उस दिन से बस दीदी को श्रीराम सुनाई देता है…’। देश की टीवी चैनलों पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हमेशा दिखने वाले कवि गौरव चौहान को भी लोगों ने खूब सराहा। उन्होंने पढ़ा कि ‘ न तो किसी मजहब न खुदाओं पर टिका है, न तो यह सियासत की खताओं पर टिका है, भारत के दुश्मनों में नहीं दम जो हिला दें, यह मुल्क शहीदों की चिताओं पर टिका है…’।

कार्यक्रम में सभी अतिथियों का अमर उजाला की ओर से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में डीआईजी दीपक कुमार, अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी व नगर आयुक्त विशाल सिंह, सचिव आरपी सिंह, विधायक गोरखनाथ, पूर्वमंत्री तेज नारायण पांडेय पवन, भाजपा नेता अवधेश पांडेय बादल, व्यापारी नेता चंदर गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोषदेव पांडेय, जिला चिकित्सालय के सीएमएस बीबीएन त्रिपाठी, महिला चिकित्सालय के सीएमएस एसके शुक्ला, मसौधा चीनी मिल के महाप्रबंधक विवेकानंद मिश्रा, वरिष्ठ गन्ना प्रभारी एके त्रिपाठी, बलरामपुर के सीएमएस नानकशरण, अर्थो सर्जन डॉ. अशीष श्रीवास्तव, अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव, बसपा नेता करुणाकर मिश्र, कांग्रेस नेता उग्रसेन मिश्रा, माकपा नेता सूर्यकांत पांडेय समेत सहित बड़ी संख्या में शहर के बुद्धिजीवी तबके के लोग मौजूद रहे।

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