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Lucknow news – अयोध्या में राम मंदिर की नींव भराई शुरू: 5 माह में विशाल चट्टान जैसी नींव बनकर तैयार होगी; 12 लाख घन फुट लगेंगे पत्थर, 2023 में पूरा होगा राम मंदिर

राम मंदिर परिसर में नींव भराई के लिए पूजन करते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े सदस्य व महामंत्री चंपत राय। - Dainik Bhaskar

राम मंदिर परिसर में नींव भराई के लिए पूजन करते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े सदस्य व महामंत्री चंपत राय।

सोमवार को राम जन्मभूमि परिसर में हुआ नींव पूजननींव भराई काम को पूरा करने के लिए अगस्त माह तक समय लगेगा

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए बहुप्रतिक्षित नींव भराई का काम सोमवार को शुरू हो गया। नींव 40 फुट गहरी है। इसके पहले रामलला जन्मभूमि परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने विधि विधान से भूमि पूजन किया। नींव भराई काम को पूरा करने के लिए 5 माह का वक्त तय किया गया है। कहा जा रहा है कि अगस्त माह तक यह काम पूरा हो जाएगा। जबकि 2023 तक मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा।

बता दें कि बीते साल पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। तब से मंदिर को एक हजार साल की मजबूती देने के लिए तमाम परीक्षण की प्रक्रिया चलती रही। परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद नींव भराई का काम शुरू हुआ है।

10:45 के शुभ मुहूर्त पर हुआ पूजन

नींव भराई काम के लिए विद्वानों ने वास्तु शास्त्र के हिसाब से 10:45 का मुहूर्त शुभ बताया था। तय समय पर भगवान गणेश, विष्णु व देवी लक्ष्मी के साथ विश्वकर्मा भगवान का पूजन हुआ। राम जन्मभूमि के 2.77 एकढ़ भूमि पर राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें गर्भग्रह स्थल समेत पूरे 2.77 एकड़ भूमि पर 40 फीट गहरी नींव खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

मंदिर निर्माण में देरी उसकी भव्यता व मजबूती को लेकर आ रही है। 1989 में प्रस्तावित मंदिर के मॉडल में मुख्य शिखर की ऊंचाई 128 फीट थी। अब यह 161 फीट होगी।

मंदिर निर्माण में देरी उसकी भव्यता व मजबूती को लेकर आ रही है। 1989 में प्रस्तावित मंदिर के मॉडल में मुख्य शिखर की ऊंचाई 128 फीट थी। अब यह 161 फीट होगी।

एक-एक फुट की लेयर बनेगी

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अब मंदिर नींव की सतह को रोलर से समतल कर काम्पैक्ट किया जा रहा है। इसमें पत्थर के टुकड़े, अभ्रक, सीमेंट, मोरंग आदि से बने मैटेरियल की भराई का काम अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू होगा। नींव की भराई का काम अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

राय ने बताया कि मैटेरियल डालकर एक-एक फुट की काम्पैक्ट लेयर तैयार करते हुए नींव को ऊपरी सतह तक लाया जाएगा। इसमें करीब 4 लाख घन फुट पत्थर लगेंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में तीन स्तरों में 12 लाख घनफुट पत्‍थर लगेगें। तीन स्‍तर पर लगने वाले इन पत्‍थरों में प्लिंथ बीम तक उंचाई तक में 4 लाख घन फुट, परकोटा के निर्माण में 4 लाख घन फुट व मुख्‍य मंदिर के निर्माण मे 4 लाख घनफुट से कुछ ज्‍यादा पत्‍थर लगेंगे।

200 फीट नीचे की मिट्टी का सैम्पल लिया गया था।

200 फीट नीचे की मिट्टी का सैम्पल लिया गया था।

2023 में बनकर तैयार हो जाएगा मंदिर

चंपत राय ने बताया कि नींव की गहराई 40 फुट है। 30 फुट तक केवल मलवा निकला। उसके बाद मिली मजबूत मिट्टी की सतह नींव का प्लेटफार्म 400 फुट लंबे 250 फुट चौड़े व 40 फुट गहरे आकार का होगा।जो प्लिंथ तक आने पर मजबूत चट्टान जैसा दिखेगा। नींव की भराई में नींव के प्लेटफार्म पर एक-एक फुट ऊंची मैटेरियल की लेयर बना कर उसे रोलर चला काम्‍पैक्‍ट किया जाएगा। ऐसी 40 लेयर बनेगी। इंजीनियरिंग टीम के विशेषज्ञों से विस्‍तृत वार्ता में यह बात सामने आई है कि 2023 तक मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा।

गर्भगृह समेत मंदिर परिसर की खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

गर्भगृह समेत मंदिर परिसर की खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

निर्माण का काम एलएंडटी को सौंपा गया है।

निर्माण का काम एलएंडटी को सौंपा गया है।

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