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Lucknow news- आरपीएफ दरोगा का गला दबाने के बाद पास से मारी गई थी गोली, पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुआ केस

लखनऊ में चारबाग स्टेशन पर तैनात आरपीएफ  के दरोगा पूरन सिंह नेगी (35) की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो दिन बाद गुरुवार को पूरन सिंह नेगी की पत्नी अनीता नेगी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। 

मालूम हो लखनऊ में आलमबाग के मवैया से मानकनगर रूट पर रेलवे क्रासिंग के पास आरपीएफ में तैनात दरोगा पूरन सिंह नेगी (35) का खून से लथपथ शव मिला था। दरोगा के बाएं सीने में गोली मारी गई थी। मंगलवार देर रात को झाड़ियों में शव की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था।

वहीं बुधवार शाम को आरपीएफ दरोगा पूरन सिंह नेगी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नेगी के गले और चेहरे पर खरोंच के निशान मिले हैं। गले में पंजे से दबाने का भी निशान मिला है। इससे साफ है कि पूरन सिंह का पहले गला दबाया गया है। इस दौरान खींचतान हुई जिसके कारण उनके चेहरे पर खरोंच के निशान पड़ गए।

रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि पूरन सिंह के बाएं सीने में असलहा सटाकर गोली मारी गई थी। हत्या में किस बोर के असलहे का प्रयोग किया गया है, पुलिस इस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।  पूरन सिंह नेगी की पत्नी अनीता ने गुरुवार को आलमबाग थाने में तहरीर दी जिसमें बताया कि मंगलवार शाम को उनकी पति से बातचीत हुई थी।

उस वक्त उन्होंने कहा था कि ट्रेन चेकिंग में व्यस्त हैं। खाली होने के बाद बात करेंगे। इसके बाद दूसरे दिन आरपीएफ के अधिकारियों ने सूचना दी कि उनकी तबियत खराब है। जल्द लखनऊ आ जाएं। बुधवार को लखनऊ पहुंचीं तो उनको सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया।

मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

पत्नी अनीता के मुताबिक, पूरन सिंह की किसी से कोई अनबन नहीं थी। वह स्वच्छ छवि के थे। उनकी साजिशन हत्या की गई है। नेगी मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी थे। उनकी पत्नी अनीता व दो बच्चे दिल्ली के बदरपुर में रहते हैं। नेगी आलमबाग के सरदारीखेड़ा में किराए के मकान में रहते थे। सोमवार शाम करीब सात बजे वह घर से ड्यूटी को निकले थे लेकिन रात 10 बजे तक वह ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू हुई। 

एसएसआई इबभने हसन के मुताबिक आरपीएफ दरोगा पूरन सिंह नेगी के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई है। वहीं वारदात के वक्त आसपास सक्रिय मोबाइल  नंबरों की भी डिटेल मंगाई है। पुलिस परिवार व साथ में तैनात पुलिस कर्मियों के बयान भी लेगी। उधर, पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी के मुताबिक पूरन सिंह  नेगी की हत्या को पुलिस आत्महत्या मान रही है, जो गलत है। संस्था ने पूरन सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सहयोग करने का वादा किया है।

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मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

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