HomeलखनऊLucknow news- एलडीए में बाबुओं की अलमारियां टूटीं तो बाहर निकलीं सीबीआई...

Lucknow news- एलडीए में बाबुओं की अलमारियां टूटीं तो बाहर निकलीं सीबीआई जांच से जुड़ी फाइलें

एलडीए में जैसे-जैसे बंद पड़ी अलमारियों को खंगाला जा रहा है वैसे-वैसे बाबुओं की कारगुजारी सामने आ रही है। शुक्रवार को प्राधिकरण ने शुक्रवार को छठवें तल पर लावारिस अलमारियों और मेज की दराजों को तोड़ा।

इस दौरान जानकीपुरम योजना की वे फाइलें मिलीं, जिनकी तलाश सीबीआई को थी। कई फाइलों को चूहे कुतर चुके थे।

इन फाइलों के बारे में खुद एलडीए ने अखबार में सूचना प्रकाशित करा 2006 में रिकॉर्ड मांगे थे। आवंटियों द्वारा रिकॉर्ड देने पर उनकी डुप्लीकेट फाइलें बना असली फाइलों को इस तरह डंप कर दिया गया था।

ओएसडी राजीव कुमार ने बताया कि छठवें तल पर रखी कुछ अलमारी और मेजों की दराज खुलवाई गईं। इनमें संपत्ति विभाग से जुड़ी मूल फाइलें मिली हैं। इन्हीं में सीतापुर रोड योजना की फाइलें मिली हैं।

यह फाइलें प्रथम दृष्टया पूर्व में हुई सीबीआई जांच से जुड़ी लग रही हैं। इन्हें जांच के लिए सील कर दिया गया है। फाइलों को यहां किसने रखा? जांच कराई जा रही है।

इसलिए हुई थी सीबीआई जांच

अधिकारियों का कहना है कि जानकीपुरम योजना में फर्जी आवंटन कर भूखंड दिए जाने का प्रकरण सामने आया। 2005 के आसपास इसकी जानकारी सामने आने के बाद जांच सीबीआई को दी गई थी। कई भूखंडों की फाइल ही एलडीए में नहीं मिलीं। ऐसे में सीबीआई को भूखंडों की संख्या कम करनी पड़ी थी।

अलमारी तोड़ी तो निकली ओझा की फाइलें

प्रथम तल पर तहसीलदार राजेश शुक्ला ने अलमारियां खुलवाईं। इनमें से एक अलमारी दिवंगत बाबू मुक्तेश्वर नाथ ओझा की निकलीं। इसमें बसंतकुंज योजना, प्रियदर्शिनी योजना और जानकीपुरम योजना की दर्जनों फाइलें निकली हैं। अधिकांश मूल फाइलें हैं जो आवंटियों के कामों से जुड़ी हैं। ओझा बाबू का कुछ व्यक्तिगत सामान भी अलमारी में था। ओझा से जुड़ी जांच के कागज भी मिले। ओझा को लेकर शिकायतें करने वाले एसपी सिंह की लोकायुक्त जांच की फाइल भी निकली। प्रथम तल से करीब 300 फाइलें निकाली गई हैं। ऐसे में फाइलों की संख्या अब तक 800 से अधिक हो चुकी है। 300 फाइलों में से अकेले जानकीपुरम योजना की 247 फाइलें मिली हैं। वहीं, गोमतीनगर की 32 और कानपुर रोड योजना की 29 फाइलें शामिल हैं।

लॉटरी की सूची तक मिल रहीं

एलडीए में पुराने विवादों के निस्तारण के लिए पूर्व की लॉटरी की सूची मांगी जाती है। यह सूची आमतौर पर बाबू नहीं मिलने की बात कहते हैं। अब बाबुुओं की अलमारियों से ही लॉटरी की सूची निकल रही हैं। इन्हें सुरक्षित कराया जा रहा है। व्यावसायिक चबूतरों के आवंटन से लेकर बसंतकुंज योजना तक में भूखंड की फाइलें मिली हैं।

अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश डंप

छठवें तल पर एलडीए की जांच में प्रवर्तन जोन-1 के एक अभियंता की अलमारी तोड़ी गई। इसमें पूरे शहर के अवैध निर्माण तोड़ने के आदेशों की सूची डंप मिली। कार्रवाई नहीं किए जाने से अभियंता को नोटिस भी दिया जा चुका है, पर कार्रवाई नहीं की गई।

डुप्लीकेट फाइल खोलने के लिए वीसी ने बनाई समिति

वीसी अभिषेक प्रकाश ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में आवेदन के बाद प्राधिकरण में नहीं मिल रहीं फाइलों की डुप्लीकेट पत्रावली बनाने के लिए समिति बना दी है। इसमें संयोजक सदस्य संबंधित प्रभारी अधिकारी संपत्ति होंगे। सदस्य में वित्त नियंत्रक, मुख्य नगर नियोजक, अधीक्षण अभियंता, प्रोग्रामर एनालिस्ट, संबंधित अधिशासी अभियंता होंगे। यह समिति गुणदोष के आधार पर डुप्लीकेट पत्रावली खोलने का फैसला करेगी। वहीं, फाइल गायब होने की जिम्मेदारी तय करते हुए एफआईआर भी कराएगी। सुनिश्चित करेगी कि पूर्व में निरस्त संपत्ति या सक्षम अधिकारी की बिना स्वीकृति के संपत्तियों के आवंटन में डुप्लीकेट पत्रावली खोलने के लिए संस्तुति न करे। अन्य प्रकरण में भी समिति इसी तरह काम करेगी।

पहले ही खुलनी चाहिए थी अलमारियां

सचिव पवन गंगवार का कहना है कि इन अलमारियों को पहले ही खोला जाना चाहिए था। अब केवल रिकॉर्ड का रखरखाव ठीक कराया जा रहा है। बाबू के पटल बदलने पर भी फाइलों को उचित जगह पहुंचना चाहिए।

Most Popular