Home लखनऊ Lucknow news- कम्युनिटी शौचालयों का संचालन करेंगी महिला समूह

Lucknow news- कम्युनिटी शौचालयों का संचालन करेंगी महिला समूह

अमेठी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों को व्यक्तिगत शौचालय मुहैया कराने के बाद सरकार अब सभी गांवों में सामुदायिक तथा महिलाओं के लिए पिंक प्रसाधन भवनों का निर्माण करा रही है।

सामुदायिक शौचालयों के मेंटीनेंस तथा साफ-सफाई के लिए शासन ने गांव के सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इसके एवज में समूहों को प्रति माह नौ हजार रुपये दिए जाएंगे।

पूरे जिले को वाहृय प्रसाधन मुक्त बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने तकरीबन घरों को व्यक्तिगत शौचालय मुहैया कराने के बाद अब सभी पंचायतों में सामुदायिक व पिंक शौचालयों का निर्माण करा रही है।

इन शौचालयों के रख-रखाव तथा सफाई के लिए सरकार ने गांव में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को हस्तांतरित कराने का निर्णय लिया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि किसी कारणवश यदि कुछ घरों को व्यक्तिगत शौचालय नहीं मिल सके हैं तथा घुमंतू किस्म के लोग सामुदायिक शौचालय का प्रयोग करें।
जिला प्रशासन को सामुदायिक शौचालय पर पर्याप्त मात्रा में पानी व्यवस्था, तथा नियमित सफाई तथा रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है। अपर मुख्य सचिव का पत्र मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर व डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को व्यवस्था सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।
पंचायत विभाग ने गांवों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है। डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि अब तक 53 समूहों की सूची स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार आरपी सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों की दिन में कम से कम दो बार सफाई लिए सफाई कर्मी/केयर टेकर के लिए प्रति माह छह हजार रुपये, बिजली, प्लंबरिंग, नल व टोटी मरम्मत के लिए प्रति माह 500 रुपये, साबुन, वाशिंग पाउडर, ग्लब्स, हार्पिक, मास्क दस्ताना, पानी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि के लिए प्रति माह एक-एक हजार रुपये तथा अन्य खर्च के लिए प्रतिमाह 500 रुपये दिए जाएंगे। कहा कि झाडू, ब्रश, वाईपर, स्पंज, पोछा के कपड़े, बाल्टी व मग आदि के लिए प्रति छह माह पर 1200 रुपये संचालन करने वाले समूह को दिया जाएगा।
डीपीआरओ ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों के रख-रखाव व मरम्ममत पर खर्च होने वाली राशि ग्राम पंचायत के 15वें वित्त आयोग की 25 फीसदी स्वच्छ भारत मिशन के लिए आरक्षित राशि का उपयोग किया जाएगा। कहा कि इस खाते में राशि की अनुपलब्धता की दशा में राज्य वित्त आयोग से राशि की व्यवस्था कराई जाएगी। देय संपूर्ण राशि छह माह के अंतराल पर दो बराबर किस्तों में मुहैया कराई जाएगी।

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