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Lucknow news- कम सैंपलिंग में भी भरपूर मरीज, राजधानी में कोरोना के 361 नए केस, चार की मौत, चिकित्सा विशेषज्ञ बोले- कोरोना का स्ट्रेन बदलने से नहीं, लापरवाही से बढ़े मरीज

लखनऊ। राजधानी में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि 28 मार्च को सैंपलिंग का आंकड़ा 15 हजार पार कर गया था, जो अब पांच हजार के आस-पास है, बावजूद इसके भरपूर मरीज मिल रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेताया है कि कोरोना के केसों में आया उछाल इसके स्ट्रेन बदलने से नहीं, बल्कि लोगों की लापरवाही का नतीजा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट अनुसार बुधवार को 361 लोगों में संक्रमण मिला। चार की मौत भी हो गई। वहीं, 142 लोगों ने वायरस को हराया।

इसके साथ राजधानी में सक्रिय मामले 3,138 हो गए। पिछले तीन महीने में पहली बार यह आंकड़ा तीन हजार के पार हुआ हे। युवा और बुजुर्गों के साथ केजीएमयू में तीन बच्चों को भर्ती करना पड़ा। बीते चार दिनों में बुधवार को संक्रमण के मामले सबसे कम रहे, जिसकी वजह होली पर कम सैंपल लिया जाना है। त्योहार के बाद सैंपल की संख्या बढ़ने के साथ संक्रमितों की संख्या में उछाल आने की आशंका है।

संक्रमण की दर में उछाल

राजधानी में संक्रमण दर मंगलवार को 4.73 प्रतिशत थी, जो बुधवार को बढ़ गई। मंगलवार को लिए 5207 सैंपल में 361 मरीज मिलने के आधार पर संक्रमण दर 6.93 प्रतिशत के करीब रही।

प्रोटोकॉल का नहीं हो रहा पालन

मार्च की शुरुआत से जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसे लेकर तमाम चर्चाएं हैं। कोरोना का नया स्ट्रेन आने की चर्चा भी हो रही, पर विशेषज्ञों ने इसे खारिज किया है। केजीएमयू में कोविड के नोडल प्रभारी डॉ. जेडी रावत के अनुसार जो मामले आ रहे हैं उनमें पहले जैसे ही लक्षण हैं। कोरोना के केसों में आया उछाल लापरवाही का नतीजा है। डॉ. जेडी रावत के अनुसार इस समय आ रहे मरीजों में पहले की तरह सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त और कमजोरी के लक्षण हैं। 50 साल से ज्यादा उम्र वाले और डायबिटीज, शुगर, गुर्दा और दिल की बीमारियों से ग्रसित मरीजों पर इसका प्रभाव ज्यादा दिख रहा है। संक्रमण के बाद स्थिति गंभीर होने की शिकायत भी ज्यादातर इन्हीं में आ रही है। डॉ. रावत के अनुसार लोगों ने सामाजिक दूरी, मास्क लगाने और हाथ धोने जैसी मामूली बातों को भी नजरअंदाज करना शुरू कर दिया है। इससे कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

युवाओं की वजह से भी बढ़ रहा संक्रमण

डॉ. रावत के अनुसार युवाओं में संक्रमण का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है। सामान्य सर्दी-जुकाम मानकर वे लगातार इधर-उधर घूम रहे हैं। ऐसे में ये वायरस के वाहक हो सकते हैं। ऐसे में मजबूत इम्यूनिटी के बावजूद जागरूक रहने की जरूरत है।

लविवि के सात शिक्षक निकले पॉजिटिव

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के सात शिक्षक कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया। संक्रमित निकले शिक्षक संस्कृत, भौतिकी, वाणिज्य, अंग्रेजी और जंतु विभाग के हैं। हाल ही में हुए भव्य कार्यक्रम में ये सभी शामिल हुए थे। इन शिक्षकों के संपर्क में आए शिक्षक व कर्मचारियों ने जांच कराई है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने शासन को पत्र लिखकर ऑनलाइन पढ़ाई तीन अप्रैल तक जारी रखने की अनुमति मांगी है। गौरतलब है कि लविवि में छात्र बिना मास्क के परिसर में टहलते हैं। कई शिक्षक व कर्मचारी भी ऐसी लापरवाही बरतते हैं। परिसर में सैनिटाइजर मशीनें भी खराब पड़ी हैं।

जिला जज व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संक्रमित

लखनऊ। जिला जज व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी बुधवार को संक्रमित निकले। इस पर सीएमओ ने पत्र लिखकर कोर्ट 48 घंटे के लिए बंद कर सैनिटाइजेशन कराने की अपील की है।

डीआरएम भी वायरस की चपेट में

लखनऊ। कोरोना ने डीआरएम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके साथ कार्यालय में संक्रमितों का आंकड़ा 50 पार कर गया। थर्मिट प्लांट में भी 32 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, आरडीएसओ कार्यालय में कोरोना केसों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया। इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

आईसीयू के 186 में से 166 फुल

लखनऊ। राजधानी के 10 कोविड अस्पतालों में कुल 717 बेड में से 438 फुल हैं। इनमें से आइसोलेशन वाले बेड की संख्या अच्छी खासी है, पर आईसीयू में भर्ती मरीजों का प्रतिशत अपेक्षाकृत काफी अधिक है। इस समय कोविड अस्पतालों के 186 आईसीयू वाले बेड में से 166 पर मरीज भर्ती हैं और सिर्फ 20 खाली हैं। कोविड अस्पतालोें के कुल 717 बेड में 347 आइसोलेशन, 184 एचडीयू और 186 आईसीयू वाले हैं। आइसोलेशन में 150 मरीज भर्ती और 197 खाली हैं। एचडीयू के 122 मरीज भर्ती और 62 खाली हैं। आईसीयू के 186 में से सिर्फ 20 बेड ही खाली हैं। माना जा रहा है कि बेड की संख्या कुछ दिनों में एक हजार के पार हो जाएगी।

एसजीपीजीआई ने बढ़ाए बेड

लखनऊ। एसजीपीजीआई के कोविड अस्पताल में बुधवार को 40 बेड बढ़ा दिए गए हैं। इसमें 20 आईसीयू और 20 आइसोलेशन के हैं। यहां कुल बेड की संख्या 128 हो गई है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर तीन सौ बेड उपलब्ध होंगे।

ड्यूटी बाद अब होटल में क्वारंटीन नहीं होंगे डॉक्टर, स्टाफ

लखनऊ। सरकारी कोविड अस्पतालों में ड्यूटी के बाद डॉक्टर-स्टाफ अब अपने घर जाएंगे। शासन ने इनके होटल, लॉज में क्वारंटीन होने की व्यवस्था खत्म कर दी है। इसका वजह बजट न मिलना बताया जा रहा है। वहीं, आक्रोशित डॉक्टरों, स्टाफ का कहना है कोविड ड्यूटी के बाद सीधे घर जाने से उनके परिवारीजन के संक्रमित होने का खतरा रहेगा। चार सरकारी व पांच निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टर व स्टाफ की कोविड ड्यूटी भी लगना शुरू हो गई है। हालांकि, अब इन्हें ड्यूटी के बाद सीधे घर भेजा रहा है। कोरोना के जिला नोडल अफसर डॉ. ए राजा के मुताबिक, डॉक्टर व स्टाफ के लिए क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

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