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Lucknow news – किसानों के अहित का आरोप: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा- अडानी और अम्बानी की भाषा बोल रहे PM मोदी और CM योगी

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।

रामगोविंद ने कहा- किसानों के हिमायती हैं तो न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी रूप देकर आंदोलन में मृत किसानों को घोषित करें शहीद

कृषि बिल को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का आज 23वां दिन है। इस बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि खेती बारी और किसानी को कारपोरेट के हाथ में सौंपने वाले कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष नहीं, सत्ता पक्ष देश को गुमराह कर रहा है। इस मामले में केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व वाली सरकारें अंबानी और अडानी समूह के वर्कर के रूप में काम कर रही हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ उनके वर्कर की भाषा बोल रहे हैं।

शुक्रवार को अपने आवास पर मिलने आए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने यह बातें कही। सपा के इस वरिष्ठ नेता ने कहा कि कृषि सम्बन्धी यह तीनों कानून लागू हो गए तो खेती बारी और किसानी अडानी अंबानी समूह और उनके गिरोह के कारपोरेट के हाथ में होगी। इससे बचने के लिए किसान आंदोलन कर रहा है।

रामगोविंद ने कहा कि इस आंदोलन में अब तक बीस किसान शहीद हो चुके हैं। इसे लेकर व्यथित एक संत अपनी जान दे चुके हैं। इसके बाद भी सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। मोदी और योगी ने अभी तक इन शहीद परिवारों के आंसू पोंछने की कोशिश भी नहीं की।

दौलत के लिए किसानों के साथ मौत का खेल खेल रही सरकार

उन्होंने कहा कि दुनियां में कोई अमर नहीं है। जो आया है, उसे आज नहीं तो कल जाना पड़ेगा । यह दौलत जिसके लिए अडानी समूह और उनकी सरकारों के द्वारा यह मौत का खेल खेला जा रहा है, यहीं रह जाएगी। इस सच को अंबानी, अडानी समूह और उनके वर्कर के रूप में काम सरकारों को भी समझना चाहिए और माननीय मोदी और माननीय योगी को भी।

किसानों की लड़ाई में विपक्ष को उलझाने की कोशिश

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि मोदी और योगी अगर किसानों के प्रति वफ़ादार हैं तो खेती बारी और किसानी को निगलने वाले इन कृषि कानूनों को अविलंब वापस लें, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का रूप दें और आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद घोषित करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने की जगह केंद्र और राज्य सरकार कारपोरेट बनाम किसान की इस लड़ाई को पक्ष विपक्ष में उलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उनके लोग आंदोलनरत किसानों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहें हैं, उन्हें बांटने का प्रयास कर रहें है।

किसानों के साथ खड़ी है अखिलेश सरकारनेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि कारपोरेट बनाम किसान की इस लड़ाई में समाजवादी पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में किसानों के साथ है। समाजवादी सरकार के उत्पीड़न और दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। खेती बारी और किसानी को कारपोरेट के हाथों से बचाने के लिए हमलोग बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं।

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