Home लखनऊ Lucknow news- किसानों पर पाखंड कर रहा विपक्ष, कई साल दाबे...

Lucknow news- किसानों पर पाखंड कर रहा विपक्ष, कई साल दाबे रखी स्वामीनाथन रिपोर्ट : सिंह

भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर विपक्ष पाखंड कर रहा है। वह किसानों को भ्रमित कर रहा है। भाजपा विपक्ष के इस पाखंड को उजागर करेगी। उन्होंने बुधवार को यहां पत्रकारों के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के खजाने पर पहला हक गांव, गरीब और किसानों का मानते हैं। उन्होंने इसे अपने कामों से चरितार्थ भी किया है।

सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 6 अगस्त 2018 को खुद स्वामीनाथन यह कहते हुए विपक्ष के पाखंड को उजागर कर चुके हैं कि  राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन 2006 में  कर दिया गया था लेकिन इसकी रिपोर्ट को सरकारों ने दाबे रखा। रिपोर्ट तब लागू हुई जब केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। स्वामीनाथन ही आयोग के अध्यक्ष थे। प्रभारी ने कहा कि मोदी सरकार की प्रतिबद्धता गांव, गरीब, किसान के कल्याण की है।

राधा मोहन ने दावा किया कि मोदी सरकार के छह वर्ष के कार्यकाल में गांव, गरीब व किसानों के हितों को लेकर जितना काम हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। वह चाहे सालाना 6 हजार रुपये किसान सम्मान निधि हो या फसलों की बिक्री में दलालों से छुटकारा दिलाने का फैसला। सभी पर मोदी सरकार ने ध्यान दिया।

नेताओं के परिवार नहीं कार्यकर्ताओं को लड़ाएंगे चुनाव

भाजपा ने इसी महीने पंचायत चुनाव को लेकर मंडलीय बैठकों के जरिये जमीनी फीडबैक लेने और इनके परिसीमन, आरक्षण के साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में जुटने का फैसला किया है। नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में बुधवार को यहां हुई भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों तथा क्षेत्रीय सह महामंत्री (संगठन) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने की। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार लखनऊ आए राधा मोहन सिंह ने संगठन की चार अलग-अलग बैठकों से मिशन यूपी की शुरुआत की। जिसमें दो बैठकों का प्रमुख मुद्दा पंचायत चुनाव रहा जबकि दो बैठकों में मुख्य मुद्दा विधानसभा के 2022 में प्रस्तावित चुनाव रहे। इसी के साथ संगठनात्मक कार्यक्त्रस्मों का खाका भी इन बैठकों में खींचा गया। उनके साथ सह प्रभारी बनाए गए  सुनील ओझा, सत्या कुमार एवं संजीव चौरसिया भी बैठकों में मौजूद थे।

20 दिसंबर तक सम्मेलन
बैठक में पंचायत चुनाव के जरिये पार्टी की अपनी जमीनी संगठनात्मक पकड़ व पहुंच को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने काफी पहले से ही पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। जिसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग भाजपा से पंचायतों का चुनाव लड़ना चाहते हैं। तय हुआ कि मंडलों में 20 दिसंबर तक सम्मेलन करके पंचायत चुनाव के सिलसिले में कार्यकर्ताओं से जमीनी फीडबैक ले लिया जाएगा। जिसमें किसान आंदोलन से लेकर पंचायतों की अपेक्षाओं तक पर बात की जाए ताकि उसके आधार पर रणनीति बनाई जा सके। विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर सहमति दिखी कि चुनाव में ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को ही मौका दिया जाए। संगठन के पदाधिकारी, विधायक, सांसद या अन्य लोगों के परिवार के लोगों को चुनाव लड़ाने से परहेज किया जाए।

मतदाता सूची पर जोर
फैसला किया गया कि फिलहाल कार्यकर्ताओं के जरिये पूरा ध्यान  पंचायतों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव के दौरान उठने वाले मुद्दों को समझने पर दिया जाएगा। पंचायतों के परिसीमन के शुरू हुए कार्य पर भी दृष्टि रखते हुए कोशिश की जाए कि पंचायतों का आकार-प्रकार भाजपा के लिए राजनीतिक तौर पर बहुत प्रतिकूल तो नहीं हो रहा है। इसी के साथ पंचायतों के आरक्षण पर लगातार नजर रखने का फैसला किया गया।

आगे पढ़ें

नेताओं के परिवार नहीं कार्यकर्ताओं को लड़ाएंगे चुनाव

Most Popular