Home लखनऊ Lucknow news- ग्राम प्रधान के लिए मुसीबत बना गोशाला संचालन

Lucknow news- ग्राम प्रधान के लिए मुसीबत बना गोशाला संचालन

अमेठी। पिछले पांच माह से भुगतान नहीं होने के चलते पशु आश्रय केंद्र का संचालन करना मुख्यमंत्री समग्र गांव में चयनित मवैया रहमतगढ़ की महिला ग्राम प्रधान के जी का जंजाल बन गया है।

प्रधान द्वारा जिले के उच्चाधिकारियों को पत्र देने के बावजूद धन नहीं मिला तो वह मजबूर होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पांच माह का बकाया भुगतान नहीं होने के चलते गोशाला बंद कराए जाने का अनुरोध किया है।

ग्राम पंचायत में बनी गोशाला में करीब 150 मवेशी मौजूद हैं। इन पशुओं की देखरेख पर अब तक कई लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कुछ धन का तो भुगतान हुआ लेकिन करीब सात लाख रुपए का बकाया पांच माह से अटका है।

यह स्थिति तब है जब गो-आश्रय स्थलों को संचालित कराने के लिए अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का प्राविधान है। ग्राम प्रधान ललिता पाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि लगातार जिले के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने के बावजूद खर्च की गई धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा।
ऐसी दशा में बैंक से कर्ज लेकर गोशाला को संचालित करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान ने कहा है कि बकाया भुगतान नहीं मिलने व अग्रिम धनराशि नहीं दिए जाने से गोशाला संचालन करने में बहुत कठिनाई आ रही है। प्रधान ने पशु आश्रय स्थल पर पांच माह का बकाया चारा भूसा में खर्च राशि दिलाते हुए समस्या का निराकरण कराए जाने की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजीव गुप्त ने बताया कि ग्राम पंचायत को नवंबर माह में 2.73 लाख रुपये का बकाया भुगतान किया गया है। चारा भूसा के लिए खर्च की गई राशि के बकाए का भुगतान कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। राशि उपलब्ध होते ही ग्राम पंचायत को भुगतान कर दिया जाएगा।

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