Home लखनऊ Lucknow news- घर-घर से लेंगे मंदिर निर्माण के लिए सहयोग, मकर संक्राति...

Lucknow news- घर-घर से लेंगे मंदिर निर्माण के लिए सहयोग, मकर संक्राति से शुरू होगा संपर्क अभियान : चंपत राय

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश में घर-घर से आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। युवा पीढ़ी को मंदिर निर्माण के इतिहास की जानकारी देने के लिए घर-घर मंदिर निर्माण का साहित्य भी वितरित किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को राजधानी में प्रेसवार्ता में बताया कि मकर सक्त्रसंति से घर-घर संपर्क  अभियान शुरू होगा जो माघ पूर्णिमा तक चलेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंदिर की नींव का निर्माण शुरू किया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए शिव सेना ने एक करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 लाख रुपये दिए हैं।

चंपत राय ने कहा कि समाज के सहयोग से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण साकार होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग के जरिए हर व्यक्ति को निर्माण से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण भगवान का काम है, इसमें धन बाधा नहीं हो सकता है। दस रुपये, सौ रुपये, एक हज़ार रुपये के कूपन खरीदकर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया जा सकता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से भी इसके लिए संपर्क किया जाएगा। अभियान के जरिये करोड़ों घरों में भगवान के मंदिर का चित्र पहुंचेगा।

मंदिर का वास्तु चंद्रकांत सोमपुरा और निर्माण एलएंडटी के जिम्मे रहे

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के वास्तु का कार्य अहमदाबाद के चंद्रकांत सोमपुरा कर रहे हैं। वहीं लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को मंदिर निर्माण का कार्य दिया गया है। टाटा कंसल्टेंट इंजीनियर्स को एलएडंटी के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है।

पत्थरों का बनेगा मंदिर

चंपत राय ने बताया कि तीन मंजिला राम मंदिर पत्थरों से बनेगा। प्रत्येक मंज़िल की ऊंचाई 20 फीट होगी। मंदिर की लंबाई 360 फीट तथा चौड़ाई 235 फीट है। भूतल से 16.5 फीट ऊंचा मंदिर का फर्श बनेगा। भूतल से गर्भ गृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट होगी। उन्होंने बताया कि  जमीन के नीचे 200 फीट गहराई तक मृदा परीक्षण तथा भविष्य के संभावित भूकंप के प्रभाव का अध्ययन हुआ है। जमीन के नीचे 200 फीट तक भुरभुरी बालू पाई गई है। गर्भगृह के पश्चिम में कुछ दूरी पर ही सरयू नदी का प्रवाह है। इस भौगोलिक परिस्थिति में 1000 वर्ष आयु वाले पत्थरों के मंदिर का भार सहन कर सकने वाली मज़बूत व टिकाऊ नींव की ड्राइंग पर आईआईटी मुंबई, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी गुवाहाटी, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की तथा लार्सन एंड टूब्रो व टाटा के इंजीनियर परामर्श कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही नींव निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मंदिर की सुरक्षा दीवार लगभग 5 एकड़ में बनेगी। मंदिर में 4,00,000 क्यूबिक पत्थर लगेगा।

दान नहीं सहयोग लेंगे
चंपत राय ने कहा कि मंदिर के नाम पर कहीं भी दान मांगने नहीं जाएंगे बल्कि मंदिर निर्माण में रामभक्तों का योगदान लेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा में सहयोग लेने के लिए बने कानून का पालन करेंगे।

आगे पढ़ें

पत्थरों का बनेगा मंदिर

Most Popular