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Lucknow news- चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा के बाद अब ब्लड का संकट

कोरोना संक्रमण की वजह से चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा के बाद अब ब्लड का संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में अब बिना डोनर खून देने पर रोक लगा दी गई है।

सिर्फ अति गंभीर मरीज को ही बिना डोनर खून दिया जा रहा है। किल्लत होने की मूल वजह है कि टीकाकरण के बाद प्लाज्मा डोनेशन नहीं किया जा सकता है। टीकाकरण कराने वाले 28 दिन बाद ही रक्तदान कर सकते हैं।

कोरोना संक्रमण के बाद चिकित्सा संस्थानों के ब्लड बैंकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ब्लड डोनेशन एवं प्लाज्मा डोनेशन के बाद तत्काल सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

इसके बाद भी डोनर नहीं आ रहे हैं। केजीएमयू में बने प्रदेश के पहले प्लाज्मा बैंक में करीब 470 यूनिट प्लाज्मा मौजूद था। अप्रैल में 20 यूनिट बचे थे। इसे भी मरीजों को दिया जा चुका है।

शनिवार को प्लाज्मा खत्म हो गया है। रविवार को सिर्फ उन्हीं मरीजों को प्लाज्मा दिया गया, जिनके लिए डोनर आए। केजीएमयू सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती आठ मरीजों के लिए कोरोना को मात देने वालों ने डोनेशन किया। डोनेशन से मिले प्लाज्मा गंभीर मरीजों को देर शाम तक दिया गया।

इसी तरह ब्लड बैंकों में अब खून का संकट भी हो गया है। खासतौर से निगेटिव ग्रुप वालों की ज्यादा समस्या है।

केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका ने बताया कि दो दिन से सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीजों को ही ब्लड दिया जा रहा है। प्रतिदिन करीब 10 से 15 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ रही है।

कोरोना संक्रमण की वजह से भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों को भी ब्लड की जरूरत पड़ती है। कई बार परिजन ब्लड देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका ब्लड लेने योग्य नहीं निकल रहा है।

ऐसे मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव ग्रुप वाले ब्लड मौजूद हैं, लेकिन निगेटिव ग्रुप की समस्या आ रही है।

इसलिए आ रही है समस्या

अभी तक चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी हर तीन माह में डोनेशन करते रहे हैं। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद वे ठीक होने के बाद प्लाज्मा डोनेशन भी करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मियों ने टीकाकरण करा लिया है। टीकाकरण कराने वाले प्लाज्मा डोनेशन नहीं कर सकते हैं। जबकि ब्लड डोनेशन के लिए 28 दिन का इंतजार करना पड़ता है। जो लोग टीकाकरण कराए हैं, वे 28 दिन बाद ब्लड बैंक पहुंच कर डोनेशन करें।

ब्लड बैंक में है पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभगाध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने लोगों से अपील की है कि डोनेशन को लेकर डरें नहीं। मास्क लगाकर घर से निकलें। ब्लड बैंक के अंदर किसी तरह का खतरा नहीं है, क्योंकि यहां हर व्यक्ति को डोनेशन के बाद सैनिटाइडेशन कराया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है।

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