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Lucknow news- जालसाजी कर प्रियदर्शिनी योजना में ग्रीनबेल्ट पर बेचे गए थे चार भूखंड, नक्शा भी पास

जालसाजी कर प्रियदर्शिनी योजना में ग्रीनबेल्ट पर बेचे गए थे चार भूखंड, नक्शा भी पास

प्रियदर्शिनी योजना में ग्रीनबेल्ट की जमीन पर एलडीए के पूर्व बाबू मुक्तेश्वर नाथ ओझा ने जालसाजी कर चार भूखंड बेच दिए थे।

इनमें से एक पर बिना ले-आउट, लीज प्लान और लैंडयूज चेक किए मानचित्र सेल ने नक्शा पास कर दिया।

यही नहीं, नक्शे को सही मानते हुए अभियंत्रण विभाग ने भी मकान बनाने के लिए जमीन पर कब्जा दे दिया।
शिकायत के बाद जालसाजी से पर्दा उठा तो अब अभियंत्रण ने संपत्ति विभाग को प्रकरण की रिपोर्ट भेजकर रिकॉर्ड चेक करानेे के लिए कहा है। वहीं, वीसी अभिषेक प्रकाश ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में सत्येंद्र शुक्ला ने वीसी से शिकायत की थी कि बिना नियोजन, ले-आउट के भूखंडों की रजिस्ट्री की गई है। यही नहीं, इसके लिए कंप्यूटर रिकॉर्ड भी मनमाने तरीके से बनाए गए।
रजिस्ट्री के 19 साल बाद तक पैसा एलडीए में जमा दिखाया गया। वहीं, आवंटन की फाइल प्राधिकरण में मौजूद ही नहीं है। यह शिकायत भूखंड 1/57 के लिए की गई।
इसके अलावा यहां तीन और भूखंड इसी तरह जालसाजी कर आवंटित कर दिए गए। संपत्ति देख रहे बाबू ने खुद इस तरह के किसी आवंटन के नहीं होने की जानकारी अधिकारियों को दी।
सबसे आश्चर्य की बात यह है कि तीन दिन से प्रकरण सामने आने के बाद भी एलडीए मौके पर काम नहीं रुकवा पाया है। फर्जी आवंटी अमर सिंह से भूखंड खरीदने वाला अब तेजी से निर्माण पूरा करवा रहा है।
ले-आउट की करवा रहे जांच
अधिशासी अभियंता अजय पंवार का कहना है कि अभियंत्रण के पास जो ले-आउट है, उसमें वहां खाली जमीन है। ऐसे में भूखंड कैसे काटे गए? इसे देखा जा रहा है। नियोजन विभाग से भी जानकारी ली जा रही है। इस बीच संपत्ति विभाग को भी प्रकरण की जानकारी दी है। वह अपने यहां रिकॉर्ड दिखवा ले। ले-आउट में पूर्व में यहां ग्रीन क्षेत्र था। इस पर हाइटेंशन लाइन का खंभा था। अब यह जमीन खाली है। संपत्ति विभाग को रजिस्ट्री की जांच के लिए कहा गया है। नक्शा पास कराने वाले को भी काम रोकने के लिए कहा गया है।
तीन करोड़ रुपये जमीनों की कीमत
जिन भूखंडों के लिए फ्रॉड किया गया, उनकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि एलडीए में कोई पैसा जमा ही नहीं हुआ है। इनका कोई रिकॉर्ड भी संपत्ति विभाग को अब तक नहीं मिल पाया है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद होगी कार्रवाई
वीसी, एलडीए, अभिषेक प्रकाश ने बताया कि एलडीए की जमीन पर फ्रॉड कर भूखंड बेचने का प्रकरण जानकारी में आया है। इसकी जांच का आदेश दिया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई होगी।

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