Home लखनऊ Lucknow news- जेल में बंदी के पास से मिलीं नशीली दवाएं

Lucknow news- जेल में बंदी के पास से मिलीं नशीली दवाएं

जेल अस्पताल में रुपये न देने पर बंदी सईद ने अंशुमान पांडेय पर लोहे की रॉड से हमला किया था जिसकी जांच रिपोर्ट डीआईजी संजीव त्रिपाठी ने डीजी जेल को सौंप दी है। जांच अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित बंदी के पास कुछ नींद व नशे की दवाएं थीं जिसको लेकर दोनों में मारपीट हुई थी। साथ ही डॉक्टर द्वारा एंजरी रजिस्टर में लिखी गईं आधा दर्जन से अधिक चोटों में से मात्र दो चोटें ही दिख रही हैं। बाकी स्पष्ट नहीं हैं।

सूत्रों की माने तो जेल डॉक्टर और मौके पर मौजूद बंदी जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट हैं। आरोप है कि डॉक्टर, फार्मासिस्ट व बंदियों के बयान को तोड़-मरोड़कर मामले का आरोप अस्पताल प्रशासन पर मढ़ दिया गया है। इसके चलते जेल प्रशासन व अस्पताल स्टाफ आमने सामने हो गए हैं।

बंदी अंशुमान पांडेय की मां का आरोप है कि जेल प्रशासन ने बाहर से नशीली दवाएं लाकर उसके बेटे के पास दिखा दी हैं। उसके बेटे का इलाज लोहिया अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर से चल रहा है, वही दवाएं जेल में उसके पास थीं। सूत्रों की माने तो जांच में जेल अस्पताल की लापरवाही सामने आई है।

आखिर कौन पहुंचाता है नशीली दवाएं
जेल सूत्रों की माने तो जेल में बंदी नशीली दवाएं लेते हैं। लेकिन सवाल खड़ा होता है कि आखिर जेल के मेन गेट से लेकर अस्पताल तक सख्त पहरा होने के बावजूद बंदियों तक नशीली दवाएं कैसे पहुंचती हैं? आखिर कौन है जो जेल में नशे की दवाएं पहुंचा रहा है? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
भारी मात्रा में मिलीं नशे की दवाएं
नशे की गोलियों को लेकर बंदियों के बीच मारपीट हुई थी। बंदी के पास भारी मात्रा में नशे की दवाएं बरामद हुई हैं जिसकी शिकायत पर दोनों में मारपीट हुई थी। जांच रिपोर्ट तैयार कर डीजी जेल को सौंप दी है।
– संजीव त्रिपाठी, डीआईजी

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