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Lucknow news- टीका लगवाने वालों की विशेषज्ञों की टीम करेगी निगरानी, 30 मिनट तक केंद्र पर रोका जाएगा

टीका लगवाने वालों की विशेषज्ञों की टीम करेगी निगरानी, 30 मिनट तक केंद्र पर रोका जाएगा

लखनऊ। राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में टीकाकरण केंद्रों पर चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी। टीकाकरण के बाद संबंधित व्यक्ति को 30 मिनट के लिए रोका जाएगा। यदि किसी तरह की समस्या होती है तो चिकित्सक प्राथमिक उपचार करेंगे। इसके लिए उन्हें किट भी दी गई है। इसके बाद भी समस्या बनी रही तो इमरजेंसी में भर्ती कराया जाएगा।

शनिवार को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में पांच बेड की व्यवस्था रहेगी। यदि किसी भी अस्पताल से टीका रिएक्शन से जुड़ा मरीज आता है तो उसे तत्काल भर्ती किया जाएगा। इसी तरह कलाम सेंटर से ट्रॉमा सेंटर जाने वाले रास्ते को भी खाली रखा जाएगा। हर टीकाकरण केंद्र पर स्पेशलिस्ट टीम में एक चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ रहेगा। इस टीम के पास एडवर्स इफेक्ट फॉलोइंग इम्युुनाइजेशन (एईएफआई) किट मौजूद रहेगी। इस किट में दो एड्रेनेलिन इंजेक्शन, हाइड्रोकार्टिसोन, डेक्सामेथासोन, पेरीनार्म तीन, दो डिस्पोजल सीरिंज, दो स्कैप वेन सेट, दो आईवी ड्रॉप सेट, पांच प्रतिशत का डेक्सट्रोज, बटरफ्लाई कैनुला, टेप, पैरासिटामॉल आदि रहेगी। यह लाइफ सेविंग दवाएं होती हैं, जो किसी तरह का रिएक्शन दिखने पर तत्काल प्रयोग की जाती हैं।

किस तरह के साइड इफेक्ट आने की आशंका

ट्रायल के दौरान यह बात सामने आई है कि करीब 10 में से एक व्यक्ति को टीकाकरण के बाद कंपकंपी या बुखार, सिर दर्द आदि महसूस हो सकते हैं। इसी तरह करीब 100 में से एक व्यक्ति को चक्कर आने, पसीना आने, त्वचा पर खुजली या चकत्ते होने जैसे लक्षण हो सकते हैं। जिस कमरे में टीका लगवाने वाले रोके जाएंगे, वहां चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। लक्षण नहीं दिखने पर टीकाकरण कराने वाले को घर भेज दिया जाएगा।

घर जाने पर समस्या हो तो क्या करें

टीकाकरण कराने के बाद घर जाने पर किसी व्यक्ति को समस्या हो तो जहां टीकाकरण कराया है, वहां के अस्पताल में संपर्क करें। डॉक्टर को अपनी परेशानी के संबंध में जानकारी दें। इसके अलावा सीरम इंट्टीट्यूट के कॉल सेंटर 18001200124 पर भी कॉल किया जा सकता है।

टीका लगाने वाली टीम में रहेंगे छह लोग

टीकाकरण केंद्रों पर शनिवार को एक ही बूथ संचालित होगा। इस बूथ पर टीकाकरण करने वाली टीम में छह लोग रहेंगे। इसमें एक सुरक्षाकर्मी, एक वेरीफायर, एक एएनएम वैक्सीनेटर, एक अतिरिक्त टीकाकर्मी, एक मोबिलाइजर, एक सहयोगी कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके अलावा 10 टीमें रिजर्व में रहेंगी। किसी भी स्थान पर टीकाकरण करने वाली टीम को समस्या होने पर रिजर्व वाली टीम तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी।

इनका नहीं होगा टीकाकरण

टीकाकरण अभियान में गर्भवती को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा अंग प्रत्यारोपण कराने वाले, बुखार, निमोनिया, टॉयफाइड, डेंगू अथवा अन्य बीमारियों की चपेट में आने वाले को टीकाकरण से अलग रखा गया है। यदि किसी का नाम सूची में है और वह एक दिन पहले कोरोना पॉजिटिव हो गया है तो उसे भी टीकाकरण से अलग कर दिया जाएगा।

चार से छह सप्ताह बाद वैक्सीन की दूसरी डोज

पहली डोज के बाद करीब चार से छह सप्ताह बाद दूसरी डोज दी जाएगी। पहली डोज में जिन लोगों में किसी तरह का रिएक्शन दिखेगा, उनका नाम सूची से अलग कर उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।

अनुपस्थित होने वालों को कैसे लगेगा?

टीकाकरण अभियान में जो लोग अनुपस्थित हो जाएंगे, उनका नाम अलग कर लिया जाएगा। इसके बाद छूटे हुए लोगों की अलग से सूची तैयारी की जाएगी। पहला चरण पूरा होने के बाद अंतिम दिन छूटे हुए लोगों को दोबारा टीकाकरण का मौका मिलेगा।

टीकाकरण से क्या होगा फायदा

कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद संबंधित व्यक्ति के शरीर में कोरोना के प्रति एंटीबॉडी तैयार हो जाएगी। इससे टीकाकरण कराने वाले पर कोरोना का असर नहीं होगा। क्लीनिकल रिपोर्र्ट में यह बात सामने आ चुकी है। अब बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण होगा तो स्थिति के बारे में पुख्ता जानकारी मिल सकेगी।

पहले 16 केंद्रों पर लगना था टीका

राजधानी में ट्रायल के दौरान तय किया गया था कि 16 अस्पतालों में 1600 लोगों का टीकाकरण किया जाएगा, लेकिन दो दिन पहले घटाकर 12 केंद्र कर दिए गए हैं। इसलिए अब 1200 लोगों का टीकाकरण होगा। इसी तरह पहले 21 कोल्ड चेन में वैक्सीन भेजी जानी थी, लेकिन अब नौ में भेजी गई हैं।

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