Home लखनऊ Lucknow news- दोबारा और आक्रामक हो रहा कोरोना, मरीजाें ने बताए अनुभव,...

Lucknow news- दोबारा और आक्रामक हो रहा कोरोना, मरीजाें ने बताए अनुभव, हाथों में कंपन, दर्द और कमजोरी भी ज्यादा

दोबारा और आक्रामक हो रहा कोरोना, मरीजाें ने बताए अनुभव, हाथों में कंपन, दर्द और कमजोरी भी ज्यादा

चंद्रभान यादव

केजीएमयू के प्रोफेसर जुलाई में पॉजिटिव हुए थे। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में वह दोबारा वायरस की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि पहली बार की अपेक्षा दूसरी बार शरीर में दर्द, तेज बुखार ही नहीं अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पहली बार सप्ताहभर में ही पूरी तरह ठीक हो गए थे, लेकिन दूसरी बार 20 दिन तक कमजोरी रही।
राजधानी के एक कारोबारी का कहना है कि दूसरी बार वायरस की चपेट में आने पर ज्यादा परेशानी हुई। पॉजिटिव होने के तत्काल बाद चिकित्सकों के संपर्क में रहे लेकिन, सांस लेने में तकलीफ बनी रही।
रिपोर्ट निगेटिव आ गई है लेकिन, अभी भी तेज गति से चलने पर सांस फूलने लगती है। सीटी स्कैन के बाद डॉक्टर के सुझाव पर कुछ एक्सरसाइज कर रहे हैं।
राजधानी में कुछ ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें ठीक हुए मरीजों को तीन माह बाद कोरोना ने दोबारा चपेट में ले लिया है।
ऐसे लोगों का कहना है कि हाथों में कंपन, शरीर में तेज दर्द और पहले की अपेक्षा ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है। साथ ही ठीक होने में भी समय अधिक लग रहा है।
वायरस के नेचर में आए बदलाव को लेकर अभी चिकित्सा विशेषज्ञ स्पष्ट तौर पर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन मरीजों के अनुभव गंभीर हैं।
शुरुआती दौर में कहा जा रहा था कि कोरोना की चपेट में आने वालों में एंटीबॉडी विकसित हो जाती है। ऐसे में वे तीन माह तक दोबारा चपेट में नहीं आएंगे। लेकिन वायरस ने इस मिथक को तोड़ दिया है।
यह अलग बात है कि अभी ऐसे मामलों की संख्या कम है। एसजीपीजीआई का माइक्रोबायोलॉजी विभाग कुछ अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर वायरस के नेचर में आए बदलाव का आंकलन करने में जुट गया है।
हालांकि अभी नतीजे स्पष्ट नहीं हैं लेकिन, वायरस के सशक्त होने के संकेत मिल रहे हैं। केजीएमयू भी दोबारा वायरस की चपेट में आने वालों का डाटा और उनका अनुभव इकट्ठा कर रहा है।
अभी तक केजीएमयू में ऐसे मरीजों की संख्या नाम मात्र की है। माना जा रहा है कि ओपीडी पूरी तरह से चलने पर बड़ी संख्या में जब मरीज आएंगे तो यह स्थिति स्पष्ट होगी कि कितने लोगों में दोबारा वायरस ने हमला किया है। ऐसे लोगों पर नए सिरे से अध्ययन किया जा सकता है।
ओपीडी खुलने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि अभी दोबारा वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या नाम मात्र की है। ओपीडी खुलने के बाद स्पष्ट होगा कि कितने लोग दोबारा वायरस की चपेट में आए। दोबारा आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। पहली बार सैंपलिंग या रिपोर्ट में गड़बड़ी और एंटीबॉडी की स्थिति आदि जो सामने आ रहे हैं, उनका डाटा और अनुभव इकट्ठा किया जा रहा है। भविष्य में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी तो नए सिरे से सर्वे कर वस्तुस्थिति को जानने का प्रयास किया जाएगा।
अभी कोई शोध रिपोर्ट नहीं
चिकित्सा अधीक्षक, मातृ शिशु एवं रेफरल केंद्र लोहिया संस्थान, डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि कोरोना की चपेट में आने वाले विभिन्न देशों की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि लोग दोबारा पॉजिटिव हुए हैं। कुछ जगह वायरस के पहले से सशक्त होने की बात कही गई है, लेकिन इस पर अभी तक सिर्फ सर्वे हैं, कोई शोध रिपोर्ट नहीं है। राजधानी में दो-तीन केस सामने आए हैं। ज्यादा मरीज होंगे तभी स्थिति साफ हो पाएगी।

Most Popular