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Lucknow news – धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ का मामला: MP MLA कोर्ट ने रीता बहुगुणा जोशी समेत अन्य अभियुक्तों को दिया झटका; डिस्चार्ज अर्जी खारिज, 3 अप्रैल को होगा आरोप तय

यूपी की राजधानी लखनऊ में एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान सांसद रीता बहुगुणा की ओर से दायर की कई डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर दिया है। - Dainik Bhaskar

यूपी की राजधानी लखनऊ में एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान सांसद रीता बहुगुणा की ओर से दायर की कई डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर दिया है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की MP MLA कोर्ट ने धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ व पुलिस बल पर हमला करने आदि के एक आपराधिक मामले में रीता पूर्व कांग्रसेी रीता बहुगुणा जोशी, मधुसुदन मिस़्त्री, निर्मल खत्री व प्रदीप जैन की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही इस मामले के सभी अभियुक्तों पर आरोप तय करने के लिए तीन अप्रैल की तारीख तय की है।

यह आदेश शनिवार को विशेष जज पवन कुमार राय की ओर से दिया गया। 17 अगस्त, 2015 को इस मामले की FIR एसआई प्यारेलाल प्रजापति ने थाना हजरतगंज में दज कराई थी। उस रोज कांग्रेस पार्टी का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था।

पांच हजार कार्यकर्ताओं ने किया था विधानसभा का घेराव

करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ अचानक यह सभी अभियुक्त धरना स्थल से विधान सभा का घेराव करने निकल पड़े। इन्हें समझाने व रोकने का प्रयास किया गया लेकिन नहीं माने। संकल्प वाटिका के पास पथराव करने लगे। जिससे भगदड़ मच गई।

कई अधिकारी हुए थे घायल

इस हमले में एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव, एसपी पुर्वी राजीव मल्होत्रा, सीओ ट्रैफिक अवनीश मिश्रा, एसएचओ आलमबाग विकास पांडेय व एसओ हुसैनगंज शिवशंकर सिंह समेत पुलिस के कई अधिकारी व पीएसी के कई जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। अशोक मार्ग से आने व जाने वाले आम जनता को भी चांेटें आई। कई गाडियांे के शीशे टूट गए। कानून व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गया।

वहीं 25 दिसंबर, 2015 को विवेचना के बाद पुलिस ने रीता बहुगुणा जोशी, मधुसुदन मिस्त्री व निर्मल खत्री समेत 18 अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की कई गंभीर धाराओं व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा में भी आरोप पत्र दाखिल किया था

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