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Lucknow news- पार्षद कोटे पर बखेड़ा, बजट कार्यकारिणी स्थगित, कोटा कम किए जाने पर भड़के पार्षद, दिया संशोधन का प्रस्ताव

नगर निगम का नए साल का बजट पार्षद कोटे पर बखेड़ा के चलते रविवार को पास नहीं हो सका। बजट पास करने के लिए बुलाई गई कार्यकारिणी बैठक बिना किसी नजीते पर पहुंचे ही स्थगित कर दी गई। मंगलवार को दोबारा बैठक होगी। नगर निगम की तरह ही जलकल का बजट भी बैठक में पास नहीं हो सका। इसे कौन पेश करेगा उसको लेकर ही विवाद हो गया। जलकल का बजट भी मंजूरी के लिए मंगलवार को होने वाली कार्यकारिणी बैठक में रखा जाएगा।

बैठक स्थगित होने के बाद नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि बजट के कुछ मदों का विभाजन बिना उनकी जानकारी के कर दिया गया था। उन्होंने बजट को सही करने के लिए दो दिन का समय लिया है। लेखा विभाग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने बिना जानकारी के बजट की मदों का विभाजन किया उनसे जवाब तलब किया जाएगा। हालांकि नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि बजट के मदों में कोई गड़बड़ी नहीं है, सिर्फ उसका विभाजन बिना उनकी सहमति के किया गया। जो सही नहीं है।

इसलिए हुआ कार्यकारिणी में बखेड़ा

पार्षद कोटे के तहत कार्य अभियंत्रण विभाग के मरम्मत व नवीनीकरण मद से किए जाते हैं। वास्तविक बजट (जितनी आय उतना खर्च) के चक्कर में इस बार कोटे को समाप्त किए जाने की तैयारी अंदर ही अंदर चल रही थी। कोटे को समाप्त कर शहर में विकास कार्यों के लिए अलग एक मद बनाने की योजना थी, जिससे महापौर और नगर आयुक्त की सहमति से कार्य कराए जाते। पार्षद सिर्फ प्रस्ताव दे सकते थे। उनको कोटे के तहत कार्य के लिए बजट आवंटन का अधिकार नहीं दिया जाना था, मगर रविवार को कार्यकारिणी बैठक में जब बजट का एजेंडा आया तो उसमें मरम्मत व नवीनीकरण मद का बंटवारा वार्डवार कर दिया गया और यह लिखा गया कि प्रत्येक वार्ड में 50 लाख रुपये की लागत से वार्ड विकास के कार्य कराए जा सकेंगे। जिसको लेकर कार्यकारिणी सदस्यों ने जब बैठक में कोटा कम किए जाने पर सवाल उठाया तो नगर आयुक्त ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वार्डवार बजट का आवंटन का प्रावधान बिना उनकी जानकारी प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह कई अन्य मदों में भी बदलाव पर उन्होंने जानकारी न होने की बात कही है।

सदस्य घर से बनाकर लाए संशोधन का प्रस्ताव, कहा इसे लागू करें, बजट पास

कार्यकारिणी बैठक शुरू होते ही सभी कार्यकारिणी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला एक संशोधन प्रस्ताव एक कार्यकारिणी सदस्य ने बैठक में रखा और कहा कि इसे लागू कर दें और बजट को पास किया जाता है। मगर इसे लेकर सहमति नहीं बन पाई और बैठक को स्थगित कर दिया गया। जो संशोधन प्रस्ताव लाया गया, उसमें पार्षद कोटे के लिए मरम्मत व नवीनीकरण मद को 100 करोड़ से बढ़ाकर 137.50 करोड़ रुपये करने, महापौर की संस्तुति से कार्य के लिए 15 करोड़ और नगर आयुक्त की संस्तुति से पांच करोड़ के कार्य कराए जाने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा अत्यंत आवश्यक कार्य के लिए महापौर की अनुमति से 1.50 करोड़ के कार्य कराए जाने का प्रस्ताव दिया था।

…तो समाप्त हो जाएगा कोटा

रविवार को कार्यकारिणी बैठक स्थगित हो जाने के बाद अब पार्षद कोटा पूरी तरह समाप्त किए जाने की आशंका और बढ़ गई है। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान यह सवाल भी प्रशासन की ओर से उठा कि क्या पार्षद कोटा दिए जाने का कोई प्रावधान अधिनियम में है? यदि ऐसा नहीं है तो यह किस नियम कि तहत दिया जा रहा है। यह गलत है। हालांकि बैठक के बाद इस मसले पर जिम्मेदार विवाद को देखते हुए चुप्पी साधे रहे। मगर सूत्रों का कहना है कि अब कोटा पूरी तरह समाप्त होने वाला है।

पहले नगर आयुक्त देखेंगे फिर पेश होगा जलकल का बजट

हर बार की तहर इस बार भी जलकल महाप्रबंधक ने विभगा का बजट बिना नगर अयुक्त को दिखाए और चचा किए ही सीधे कार्यकारिणी बैठक में मंजूूरी के लिए रविवार को रखा। उस पर जब चर्चा की बात आई तो नगर आयुक्त ने कहा कि उनको जलकल बजट के बारे में जानकारी ही नहीं है। बजट बनाने को लेकर उनसे जलकल महाप्रबंधक ने चर्चा भी नहीं की, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस पर जलकल महाप्रबंधक ने सफाई दी कि पहले इसी तरह से बजट वह रखते रहे हैं। जिस पर नगर आयुक्त ने कहा कि अब पहले वह बजट देखेंगे उसके बाद उसे पेश किया जाएगा।

ममता बोलीं, डिजायर से अल्टो पर मत लाइए

बैठक के बाद महापौर के कक्ष में पहुंचीं कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी से नगर आयुक्त ने कहा कि यदि डिजायर कार खरीदने का ही पैसा है तो फिर इनोवा या फार्च्यूनर कैसे खरीदी जा सकती है। ऐसा करने से देनदारी बढ़ती है। जिस पर ममता बोलीं सर, डिजायर से ऑल्टो पर तो मत लाइए। यानी कोटा बढ़ाया नहीं तो कम तो न ही करिए। भाजपा पार्षद व कार्यकारिणी सदस्य रुपाली गुप्ता, साधना वर्मा, कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी ने भी कोटे को कम न किए जाने की मांग महापौर व नगर आयुक्त से की।

नहीं बढ़ाएंगे कोई टैक्स

महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि अभी किसी भी तरह का टैक्स बढ़ाने की योजना नहीं है। यदि कोई प्रस्ताव प्रशासन की ओर से आ जाता है तो उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह जरूर है कि जितनी आय उतना ही खर्च का बजट बनाने पर जोर है। उसके लिए कुछ बदलाव करने पड़ेंगे।

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